
रांची। झारखंड की राजधानी रांची की दुर्गा पूजा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में श्री रामलला दुर्गा पूजा समिति ने बड़ा संकल्प लिया है। समिति का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में रांची की दुर्गा पूजा इतनी भव्य और आकर्षक बने कि कोलकाता के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों से भी लोग यहां के पूजा पंडालों को देखने पहुंचें।
श्री रामलला दुर्गा पूजा समिति के प्रवक्ता एवं केंद्रीय शांति समिति के सदस्य बादल सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, रांची नगर निगम और झारखंड सरकार की ओर से लगातार मिल रहा सहयोग एवं मार्गदर्शन उत्साहवर्धक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी विभागों, पूजा समितियों और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय बना रहा, तो रांची की दुर्गा पूजा को देशभर में एक नई पहचान मिलेगी।
2024 में बनाया था अयोध्या के राम मंदिर का स्वरूप
समिति ने वर्ष 2024 में अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर के स्वरूप पर आधारित पूजा पंडाल का निर्माण कराया था, जिसे देशभर में चर्चा मिली थी। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष वाराणसी स्थित स्वर्वेद महामंदिर की थीम पर आधारित भव्य पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। समिति के अनुसार, इस पंडाल के निर्माण पर लगभग 1.45 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।

रांची की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मिलेगी नई ऊंचाई
बादल सिंह ने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल भव्य पंडाल बनाना नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और झारखंड की गौरवशाली पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना भी है। आने वाले वर्षों में रांची में देश के सबसे आकर्षक और ऐतिहासिक दुर्गा पूजा पंडालों में से एक के निर्माण की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।
उन्होंने इस पुनीत कार्य में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम, राज्य सरकार, सभी पूजा समितियों और रांचीवासियों से सहयोग बनाए रखने की अपील की।
समिति का मानना है कि सामूहिक प्रयास, बेहतर व्यवस्था और आपसी समन्वय से रांची की दुर्गा पूजा को देश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं।