
रांची। झारखंड के लोहरदगा जिले के कुडू थाना क्षेत्र के चंडू गांव निवासी पूर्व वायु योद्धा एवं कारगिल युद्ध में ऑपरेशन विजय मेडल प्राप्त परवेज आलम ने अपने घर पर हमले, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस द्वारा करीब 16 घंटे तक हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाया है। इस मामले में उन्होंने झारखंड सरकार के मुख्य सचिव को आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।

परवेज आलम के आवेदन के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 5:30 बजे गांव के हुसैन खान पर उनके घर में घुसकर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। उन्होंने दावा किया है कि इसके बाद कुछ अन्य लोगों ने उनके घर के गेट को क्षतिग्रस्त किया और पत्थरबाजी की। इस दौरान दरवाजे, खिड़कियों और वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया।

पूर्व वायु योद्धा का कहना है कि घटना के समय उनकी पत्नी और बच्चे घर में मौजूद थे। उन्होंने रात के समय अपने परिजनों के घरों पर भी हमले की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया है। इस घटना के बाद परिवार की सुरक्षा को लेकर उन्होंने चिंता जताई है।

पुलिस पर 16 घंटे हिरासत में रखने का आरोप
परवेज आलम ने पुलिस पर उन्हें करीब 16 घंटे तक थाने में रखने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए हिरासत से संबंधित दस्तावेजों, लॉकअप रजिस्टर और थाने में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है।

मुख्य सचिव से निष्पक्ष जांच की मांग
परवेज आलम ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), लोहरदगा के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और मानवाधिकार आयोग से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने, घटना की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

फिलहाल, परवेज आलम की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पुलिस प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। मामले में निष्पक्ष जांच के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।

