
रांची: झारखंड की DGP तदाशा मिश्रा की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सुनवाई के बाद तदाशा मिश्रा को DGP के पद से हटाने का आदेश दिया है।
मामला झारखंड सरकार की DGP नियुक्ति नियमावली और उसके तहत तदाशा मिश्रा की नियुक्ति से जुड़ा है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस नियुक्ति को चुनौती देते हुए कहा था कि झारखंड सरकार की वर्ष 2025 की नियमावली सुप्रीम कोर्ट के प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं है।

दरअसल, तदाशा मिश्रा को 30 दिसंबर 2025 को झारखंड का DGP नियुक्त किया गया था, जबकि उनकी निर्धारित सेवानिवृत्ति 31 दिसंबर 2025 को थी। केंद्र ने इसी नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार ने DGP नियुक्ति से संबंधित छह महीने की न्यूनतम शेष सेवा की शर्त में बदलाव कर यह नियुक्ति की।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रकाश सिंह मामले में तय दिशा-निर्देशों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठे। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पहले से तय कानून और दिशा-निर्देशों को कमजोर नहीं किया जा सकता।
केंद्र सरकार ने झारखंड के पिछले DGP अनुराग गुप्ता की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए हैं। केंद्र का कहना है कि DGP नियुक्ति की प्रक्रिया में UPSC की भूमिका और सुप्रीम कोर्ट के निर्धारित मानकों का पालन किया जाना जरूरी है।

अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद झारखंड में नए DGP की नियुक्ति की प्रक्रिया पर भी सबकी नजर रहेगी। इस पूरे मामले का असर राज्य की पुलिस व्यवस्था और DGP नियुक्ति नियमावली पर भी पड़ सकता है।