
रांची। झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के आर्थिक अधिकारों को सीमित करने वाले एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव लाल प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव और प्रदेश प्रवक्ता सुनील सिंह ने संयुक्त बयान जारी कर केंद्र सरकार पर झारखंड के आर्थिक अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड की धरती में देश की करीब 40 प्रतिशत खनिज संपदा उपलब्ध है। यहां से निकाले जाने वाले खनिजों का उपयोग पूरे देश के विकास में किया जाता है, लेकिन इसके एवज में राज्य को मिलने वाले आर्थिक अधिकारों को सीमित करने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस का दावा है कि एमएमडीआर संशोधन कानून 2026 लागू होने से झारखंड को हर साल करीब 15 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। इसका सीधा असर राज्य में संचालित मंईयां सम्मान योजना, शिक्षा, चिकित्सा और ग्रामीण विकास जैसी योजनाओं पर पड़ने की बात कांग्रेस ने कही है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त 2024 को अपने फैसले में 2005 से 2022 तक राज्यों के बकाया खनिज रॉयल्टी का भुगतान करने का आदेश दिया था। इसके तहत 1 अप्रैल 2026 से 12 किस्तों में बकाया राशि का भुगतान किया जाना है।
कांग्रेस के मुताबिक झारखंड का विभिन्न कोयला कंपनियों पर करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये का बकाया है। पार्टी का आरोप है कि प्रस्तावित संशोधन लागू होने से राज्य को इस बकाया राशि की प्राप्ति में नुकसान हो सकता है।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में राज्यों के खनिज और भूमि पर कर लगाने के अधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई थी। इसके बाद झारखंड सरकार ने 2023 में खान एवं खनिज विकास से संबंधित विधेयक विधानसभा से पारित कराया था। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र का नया संशोधन राज्य के इस अधिकार को भी प्रभावित करेगा।
7 सितंबर को राजभवन के सामने प्रदर्शन
प्रदेश कांग्रेस ने इस संशोधन विधेयक के खिलाफ 7 सितंबर को राज्यपाल के समक्ष विराट रैली और प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। कांग्रेस के अनुसार प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में राज्यभर से हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता रांची पहुंचेंगे।
रैली में कांग्रेस कोटे के सभी सांसद, विधायक और मंत्री, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी तथा विभिन्न मंच-मोर्चा एवं संगठन के अध्यक्ष और पदाधिकारी शामिल होंगे।
कांग्रेस ने कहा है कि झारखंड की खनिज संपदा पर पहला अधिकार उस राज्य और उसके लोगों का है, जिनकी जमीन, जंगल और पर्यावरण खनन की कीमत चुका रहे हैं। पार्टी ने एमएमडीआर संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।