
रांची, 23 नवंबर 2025 : केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय कार्यालय, 13 आर आईटी बिल्डिंग, कचहरी परिसर रांची की ओर से आज केंद्रीय धूमकुडिया, करम टोली रांची में एक महत्वपूर्ण बैठक एवं प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष श्री फूलचंद तिर्की ने की। इस दौरान धर्मांतरण, दोहरा लाभ और डीलिस्टिंग जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।
केंद्रीय अध्यक्ष श्री फूलचंद तिर्की ने कहा कि —
“आज आदिवासी परंपरा, संस्कृति और हक-अधिकार पर चौतरफा हमला हो रहा है। ईसाई मिशनरी संगठनों द्वारा लालच, प्रलोभन और तथाकथित चंगाई सभाओं के माध्यम से भोले-भाले, गरीब एवं परंपरागत आस्था रखने वाले आदिवासियों को धर्मांतरण के जाल में फंसाया जा रहा है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि चर्च द्वारा अंधविश्वास फैलाते हुए लोगों को कहा जाता है — “लंगड़ा चलेगा, बहरा सुनेगा, गूंगा बोलेगा”, और इस तरह चंगाई सभाओं के माध्यम से धर्मांतरण कराया जा रहा है।
श्री तिर्की ने कहा कि जो लोग ईसाई धर्म अपना चुके हैं, वे अब भी मूल आदिवासियों का आरक्षण लाभ ले रहे हैं। इस अन्याय को समाप्त करने के लिए केंद्रीय सरना समिति केंद्र सरकार से डीलिस्टिंग (Delisting) की मांग कर रही है।
उन्होंने घोषणा की कि इस मुद्दे को लेकर 12 दिसंबर 2025 को राजभवन के समक्ष एक दिवसीय “महाधरना” आयोजित किया जाएगा।
बैठक में केंद्रीय सरना समिति के संरक्षक ललित कक्षा भुवनेश्वर लोहार, केंद्रीय महिला सरना समिति की अध्यक्ष निशा भगत, रांची जिला केंद्र सरना समिति के अध्यक्ष अमर तिर्की, केंद्र के प्रवक्ता एंजेल लकड़ा, महासचिव विनय उरांव, संजय तिर्की एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे।