असम चुनाव में JMM का बड़ा दांव: 21 सीटों पर उतारे उम्मीदवार, कांग्रेस ने जताई नाराजगी

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झामुमो ने असम विधानसभा चुनाव में 21 प्रत्याशी उतार दिए हैं। नामांकन के अंतिम दिन 23 मार्च को पार्टी ने इन 21 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। असम चुनावी मैदान में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने के लिए झामुमो पूरी ताकत झोंकने जा रही है।


असम में झामुमो और कांग्रेस एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। असम विधानसभा चुनाव को लेकर झामुमो पूरी ताकत झोंकेगी। पार्टी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद असम में कैंप कर पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। मंत्री और विधायक भी प्रचार में जुटेंगे।

इधर इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि इससे आदिवासी वोट बंट सकते हैं। इससे उनकी एकजुटता पर असर पड़ सकता है।

सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री 27 या 28 मार्च को असम के लिए रवाना होंगे, वहां वे विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं, रोड शो और संगठनात्मक बैठकों के जरिए चुनावी माहौल को धार देंगे। मुख्यमंत्री झामुमो के स्टार प्रचारक हैं।


झामुमो प्रत्याशियों की सूची: की बात करे तो ।


गुवाहाटी से – प्रीति रेखा बोरठाकुर
बिस्वनाथ – तेजेंद्र गोंड
खुमटाई – अजीत तांती
धुबरी – बृंदावन मुशाहारी
गोहपुर – फेकलाल हेम्ब्रम
सोनई – बब्लू तांती
दुलियाजान – पीटर टुडू
रोंगाजुली – पवन सोरेन
तिनसुकिया – भारत नायक
तेजपुर – प्रफुल्ल दास पनिक्का
तिलाईजान – महावीर बरटे
बख्तियारपुर – अब्दुल मजीद
रंगापारा – रेखा टोप्पो
गोरियाघाट – जॉबेन मिंज
नहरकटिया – संजय बाग
नागांव – नुनु कछारी
डिब्रूगढ़ – राजकुमार तांती
सादिया – साहिल मुंडा
तिताबर – सोनिया
बोकाजान (एसटी) – प्रवीण खाखलार
खोहरा – प्रकाश दास

झामुमो ने असम की जिन 21 सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा की है, उनमें से मात्र एक ही सीट एसटी के लिए आरक्षित है। बोकाजान विधानसभा सीट से झामुमो ने आदिवासी प्रत्याशी को मैदान में उतारा है।
झामुमो ने 13 सीटों पर झारखंड मूल के टी-ट्राइब उम्मीदवारों को सामान्य सीटों पर टिकट दिया है।


बताते चलें कि झारखंड से असम गए आदिवासियों को वहां आरक्षण का लाभ नहीं मिलता, इसलिए ये आरक्षित सीटों पर चुनाव नहीं लड़ सकते।
बदलबे में झामुमो ने असमिया समुदाय के अब्दुल मजीद को टिकट दिया है। अन्य सीटों पर कुछ स्थानीय और झारखंड मूल के सामान्य वर्ग के लोगों को भी टिकट दिया गया है।

राज्य के वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता रामेश्वर उरांव ने कहा कि कांग्रेस ने झामुमो के साथ सच्चे मन से गठबंधन धर्म निभाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने झामुमो को सात सीटें देने का प्रस्ताव रखा था।


कांग्रेस ने झामुमो को साथ लेकर चुनाव लड़ने के लिए गंभीर और सच्चे प्रयास किए, लेकिन झामुमो ने 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारकर चुनाव लड़ने का फैसला किया।


उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती थी कि झामुमो को दी गई सीटों से उनके विधायक चुनकर विधानसभा में पहुंचे। असम विधानसभा चुनाव में झामुमो ने कांग्रेस के साथ तालमेल करने के बजाय स्थानीय दलों के समर्थन से चुनाव लड़ने का फैसला किया है।


चुनाव में झामुमो के पक्ष में क्या परिणाम आएंगे, इस पर कांग्रेस पार्टी कोई बयान नहीं देना चाहती। हालांकि, कांग्रेस को इस बात की चिंता है कि झामुमो का यह फैसला आदिवासी वोटों को बांट सकता है।

परिणामस्वरूप आदिवासी मतदाताओं के वोट प्रतिशत पर असर पड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

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