
कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। भारतीय जनता पार्टी विधायक दल ने सर्वसम्मति से वरिष्ठ नेता Suvendu Adhikari को अपना नेता चुन लिया है। इसके साथ ही अब शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार वे कल सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
शुभेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर काफी संघर्षों और बड़े उतार-चढ़ावों से भरा रहा है। पूर्व मेदिनीपुर जिले के कांथी में जन्मे शुभेंदु अधिकारी ने राजनीति की शुरुआत कांग्रेस से की थी। बाद में वे Mamata Banerjee के साथ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए और पार्टी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में गिने जाने लगे।
साल 2007 का नंदीग्राम आंदोलन शुभेंदु अधिकारी के राजनीतिक जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हुए इस आंदोलन में उनकी भूमिका ने उन्हें पूरे बंगाल में लोकप्रिय बना दिया। इसके बाद वे लगातार राजनीति में मजबूत होते गए और सांसद से लेकर मंत्री तक की जिम्मेदारी संभाली।

हालांकि साल 2020 में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया। इसके बाद 2021 विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से उन्होंने ममता बनर्जी को हराकर बंगाल की राजनीति में बड़ा संदेश दिया। उसी जीत के बाद वे विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने।
अब 2026 में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया है। राजनीतिक जानकार इसे पश्चिम बंगाल की राजनीति का ऐतिहासिक क्षण मान रहे हैं।
शुभेंदु अधिकारी अपनी आक्रामक राजनीति, तेज भाषण शैली और ग्रामीण बंगाल में मजबूत पकड़ के लिए जाने जाते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद अब पूरे देश की नजर उनके अगले राजनीतिक कदम पर टिकी हुई है।