
राँची, 11 जून 2026: आदिवासी छात्र संघ, झारखंड, राजी पाड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत एवं सरना धर्म सोतो: समिति, खूँटी के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को राँची के प्रेस क्लब, करमटोली में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान संगठनों ने प्रस्तावित परिसीमन, आगामी जनगणना में सरना धर्म कोड की मान्यता तथा पाँचवीं अनुसूची क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की।

संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि झारखंड की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और संवैधानिक पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने चिंता जताई कि प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया, जनगणना में सरना धर्म कोड की अनुपस्थिति और पाँचवीं अनुसूची क्षेत्रों के संवैधानिक प्रावधानों के कमजोर क्रियान्वयन से आदिवासी समाज के राजनीतिक एवं संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
संगठनों ने अपनी प्रमुख मांगों में प्रस्तावित परिसीमन में अनुसूचित जनजातियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने, जनगणना में सरना धर्म के लिए पृथक धर्म कोड लागू करने, पाँचवीं अनुसूची के प्रावधानों का सख्ती से पालन कराने, पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन तथा अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सीटों और राजनीतिक अधिकारों में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं करने की मांग की।

आंदोलन की रूपरेखा बताते हुए संगठनों ने कहा कि पहले चरण में ज्ञापन सौंपा जाएगा, दूसरे चरण में जनजागरण अभियान और प्रेस वार्ताएं आयोजित की जाएंगी, जबकि तीसरे चरण में जिला एवं प्रखंड स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकार से आदिवासी समाज की भावनाओं, संवैधानिक अधिकारों और झारखंड की मूल पहचान का सम्मान करते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। चेतावनी दी गई कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।

प्रेस वार्ता में आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उराँव, राजी पाड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत के महासचिव विद्यासागर केरकेट्टा, राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय पाहान, राष्ट्रीय प्रचारिका रेनू उराँव, सरना धर्म सोतो: समिति खूँटी के संरक्षक मथूरा कांडिर सहित कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
