
रांची: झारखंड में जमीन घोटालों की जांच के बीच एक और बड़ा मामला सामने आया है। रांची जिले के मांडर अंचल में करीब 115 करोड़ रुपये मूल्य की 14.34 एकड़ सरकारी जमीन का कथित तौर पर बिना रजिस्ट्री के ही म्यूटेशन कर दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मांडर अंचल के एक राजस्व कर्मचारी पर आरोप है कि उसने सरकारी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर यह म्यूटेशन किया। यह जमीन मांडर टोल प्लाजा के पास स्थित बताई जा रही है, जिसकी बाजार कीमत करोड़ों रुपये में आंकी गई है।

बताया जा रहा है कि इस मामले की जांच पहले से चल रही थी और सीआईडी को भी रिपोर्ट भेजी गई थी। जांच में दस्तावेजों में हेराफेरी, जमाबंदी में बदलाव और ऑनलाइन रिकॉर्ड में कथित छेड़छाड़ की बातें सामने आई हैं।
मामले के उजागर होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है और प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे खेल में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
यह मामला झारखंड में जमीन से जुड़े घोटालों और सरकारी रिकॉर्ड की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
