
रांची: राजधानी रांची में रविवार से ऑनलाइन कैब सेवाओं से जुड़े करीब 4000 ड्राइवर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल का सीधा असर शहर के यात्रियों पर पड़ेगा। खासकर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और ऑफिस आने-जाने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार, ओला, उबर और रैपिडो से जुड़े ड्राइवर अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर काम बंद कर रहे हैं। झारखंड प्रदेश टैक्सी यूनियन का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बावजूद कंपनियों ने किराया दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है, जिससे ड्राइवरों की आय लगातार घट रही है।
यूनियन ने यह भी आरोप लगाया है कि निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग रोकने, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं की कमी तथा एजेंटों की कथित मनमानी जैसे मुद्दों पर लंबे समय से शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण हड़ताल का निर्णय लिया गया है।

बताया जा रहा है कि रांची के अलावा जमशेदपुर और बोकारो के कैब चालक भी इस आंदोलन में शामिल होंगे। इससे राज्यभर में करीब 13 हजार से अधिक ड्राइवर प्रभावित हो सकते हैं।
यात्रियों पर असर
एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों को कैब मिलने में परेशानी हो सकती है।
रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को समय पर वाहन नहीं मिलने की आशंका है।
अस्पताल जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी दिक्कत हो सकती है।
देर रात यात्रा करने वाली महिलाओं और अकेले यात्रियों के लिए सुरक्षित परिवहन के विकल्प सीमित हो सकते हैं।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था कर लें।
