2 अक्टूबर को राष्ट्रीय मांग दिवस: पत्रकारों ने उठाईं 8 बड़ी मांगें, ₹25,000 पेंशन और सुरक्षा कानून की मांग

Spread the love

रांची: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2026 को इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन (IJU) और झारखंड वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन (JWJU) ने देशभर के कार्यरत पत्रकारों के हितों को लेकर ‘राष्ट्रीय मांग दिवस’ की घोषणा की। इस अवसर पर पत्रकारों की सुरक्षा, नौकरी की स्थिरता, उचित वेतन, स्वास्थ्य सुविधाएं और पेंशन सहित कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गईं।

पत्रकार संगठनों ने केंद्र और राज्य सरकारों से मीडिया क्षेत्र की वर्तमान स्थिति की व्यापक समीक्षा के लिए एक मीडिया आयोग गठित करने की मांग की है। इसके साथ ही पत्रकारों, मीडिया कर्मियों और समाचार संगठनों को हिंसा, धमकी और उत्पीड़न से बचाने के लिए एक विशेष केंद्रीय सुरक्षा कानून बनाने की मांग भी की गई है।

संगठनों ने पत्रकारों की नौकरी की सुरक्षा, काम के निश्चित घंटे, विवादों के समाधान और बेहतर कार्य परिस्थितियों को सुनिश्चित करने के लिए वर्ष 1955 और 1958 के संबंधित कानूनों के प्रावधानों को बहाल करने की मांग उठाई। वहीं, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में कार्यरत पत्रकारों एवं मीडिया कर्मियों के लिए महंगाई के अनुरूप उचित वेतन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नए वेतन बोर्ड के गठन की मांग की गई।

इसके अलावा, राज्य सरकारों से पात्र पत्रकारों को घर बनाने के लिए जमीन आवंटित करने और राज्य सरकार के कर्मचारियों के समान स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है।

पत्रकारों के लिए एक समान पेंशन योजना लागू करने की मांग

पत्रकार संगठनों ने देशभर के पत्रकारों के लिए एक समान पेंशन योजना लागू करने की मांग की है। इसके तहत पत्रकारों को कम से कम 25 हजार रुपये की निश्चित मासिक पेंशन देने का प्रस्ताव रखा गया है। संगठनों का कहना है कि वर्तमान में अलग-अलग राज्यों में पत्रकारों के लिए पेंशन की व्यवस्था अलग-अलग है। ऐसे में इन असमानताओं को दूर करने के लिए केंद्र सरकार को मॉडल गाइडलाइंस तैयार करनी चाहिए, ताकि पत्रकारों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

पत्रकार संगठनों के अनुसार, लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए पत्रकारों को कई तरह के व्यक्तिगत और पेशेवर जोखिमों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनके सामाजिक और आर्थिक हितों की रक्षा करना आवश्यक है।

इस संबंध में झारखंड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के कार्यालय सचिव अजय कुमार सिंह ने पत्रकारों के हितों से जुड़ी इन मांगों को प्रमुखता से उठाया और सरकार से आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।

Leave a Reply