
रांची: झारखंड भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल के राज्य सरकार पर लगाए गए आरोपों पर झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को झारखंड की जनता को उपदेश देने से पहले केंद्र सरकार की नीतियों और अपने शासन का हिसाब देना चाहिए।
विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी को झारखंड को समझने का पर्याप्त समय दिए बिना ही सरकार और जनता को प्रमाणपत्र बांटना शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता आरोपों और वास्तविकता के बीच का अंतर अच्छी तरह समझती है।
हिंदू-मुस्लिम को लड़ाकर भारत समृद्ध नहीं बनेगा
झामुमो महासचिव ने कहा कि यदि भाजपा वास्तव में समृद्ध भारत का लक्ष्य हासिल करना चाहती है तो उसे समाज को जोड़ने की राजनीति करनी होगी। हिन्दू-मुस्लिम को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा करके और समाज में विभाजन पैदा करके देश समृद्ध नहीं बन सकता।
उन्होंने कहा कि देश को जोड़ने, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की राजनीति ही विकास का आधार बन सकती है।
SIR को लेकर भाजपा से पूछा सवाल
SIR को लेकर भाजपा के दावों पर सवाल उठाते हुए विनोद पांडेय ने पूछा कि बिहार और पश्चिम बंगाल में SIR के माध्यम से आखिर कितने बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए हैं।
उन्होंने कहा कि यदि SIR का उद्देश्य घुसपैठ रोकना था तो अब तक हुई कार्रवाई और उसके वास्तविक आंकड़े देश के सामने रखे जाने चाहिए।
विनोद पांडेय ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के दौरान आम लोगों को दस्तावेज जुटाने, कार्यालयों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी उठानी पड़ी। उन्होंने कहा कि गैर-भाजपा मतदाताओं के साथ पक्षपात और उनके मताधिकार को लेकर आशंका लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धीकरण पारदर्शी तरीके से होना चाहिए और किसी भी पात्र नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
झारखंड के विकास का हिसाब भाजपा दे: झामुमो
विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को यह बताना चाहिए कि जब केंद्र और राज्य में उसकी सरकारें थीं, तब आदिवासी, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के लिए क्या काम किए गए।
उन्होंने कहा कि झामुमो-कांग्रेस गठबंधन सरकार ने कोरोना महामारी समेत कई विपरीत परिस्थितियों के बावजूद जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाया। उनके अनुसार मंईयां सम्मान योजना, अबुआ आवास और 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में परिवारों को मिला है।
खनिज संपदा पर भाजपा अपना रुख स्पष्ट करे
खनिज संपदा और डीएमएफटी को लेकर भाजपा के आरोपों पर विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि केंद्र सरकार की खनन संबंधी नीतियों का झारखंड के हितों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि झारखंड अपने खनिज संसाधनों के उचित हिस्से और राज्य के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ रहा है। भाजपा को राजनीति करने के बजाय झारखंड के हित में राज्य सरकार का साथ देना चाहिए।
युवाओं के रोजगार पर भी भाजपा को घेरा
छात्रों और रोजगार के मुद्दे पर झामुमो महासचिव ने कहा कि राज्य सरकार नियुक्ति प्रक्रिया को गति देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। विभिन्न परीक्षाओं में सामने आई शिकायतों और अनियमितताओं पर जांच एवं कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई गई है।
उन्होंने भाजपा से केंद्र सरकार के स्तर पर रोजगार के वादों का हिसाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा झारखंड के युवाओं के भविष्य की चिंता करती है तो उसे यह भी बताना चाहिए कि केंद्र में हर साल करोड़ों रोजगार देने के वादे का वास्तविक परिणाम क्या रहा।
घुसपैठ पर केंद्र सरकार से मांगा जवाब
विनोद पांडेय ने कहा कि घुसपैठ गंभीर विषय है और इसमें केंद्र सरकार तथा उसकी सुरक्षा एवं जांच एजेंसियों की भी स्पष्ट भूमिका है। यदि भाजपा नेताओं के पास घुसपैठ से संबंधित ठोस जानकारी है तो उसे संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि केवल चुनावी और राजनीतिक मंचों से आरोप लगाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। भाजपा को यह बताना चाहिए कि जिन सीमावर्ती इलाकों और क्षेत्रों में घुसपैठ की बात कही जा रही है, वहां केंद्र की एजेंसियों ने अब तक क्या कार्रवाई की है।
विनोद पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार पर आरोप लगाने से पहले केंद्र सरकार की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।