भूख हड़ताल के बीच मां दुर्गा की आराधना में लीन हुईं विधायक श्वेता सिंह, विस्थापितों को न्याय मिलने की कामना

Spread the love

बोकारो: विस्थापितों के हक, अधिकार और न्याय की मांग को लेकर बोकारो के टू टैंक गार्डन में जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बीच बोकारो विधायक श्वेता सिंह रविवार की सुबह मां दुर्गा की आराधना में लीन नजर आईं। उन्होंने मां दुर्गा सप्तशती का पाठ कर बोकारोवासियों की सुख-शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की। साथ ही विस्थापित परिवारों को न्याय मिलने की प्रार्थना की।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विधायक श्वेता सिंह ने सुबह 5:45 बजे उठकर भूख हड़ताल स्थल पर ही श्रद्धापूर्वक मां दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। इस दौरान उनकी आस्था और विस्थापितों के अधिकारों के लिए जारी संघर्ष का संकल्प एक साथ देखने को मिला।



विस्थापितों के अधिकारों की मांग को लेकर जारी है भूख हड़ताल

बोकारो के टू टैंक गार्डन में विस्थापित परिवार अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। विस्थापितों की मांग है कि बीएसएल प्रबंधन उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों का न्यायसंगत समाधान निकाले।

भूख हड़ताल के बीच विधायक श्वेता सिंह की मौजूदगी को विस्थापित परिवारों के प्रति समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। इस आंदोलन के माध्यम से प्रभावित परिवार प्रबंधन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।

बोकारोवासियों की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना

मां दुर्गा की आराधना करते हुए विधायक श्वेता सिंह ने समस्त बोकारो परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उनकी प्रार्थना में समाज में एकता और सद्भाव बनाए रखने के साथ-साथ जरूरतमंदों को न्याय मिलने की भावना भी शामिल रही।

विस्थापित परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने संघर्षरत लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

सम्मानजनक समाधान की उम्मीद

विस्थापितों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे बोकारो में लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। ऐसे में प्रभावित परिवारों की मांगों पर संबंधित प्रबंधन और प्रशासन की ओर से संवाद तथा समाधान की दिशा में पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

विधायक श्वेता सिंह की मां दुर्गा की आराधना और विस्थापितों के बीच उनकी मौजूदगी के जरिए सुख-समृद्धि के साथ न्याय की कामना का संदेश सामने आया। अब विस्थापित परिवारों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए सम्मानजनक समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।

Leave a Reply