
देवघर: श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पिछले वर्ष खरीदी गई 10 बाइक एंबुलेंस आज जसीडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में बदहाल स्थिति में पड़ी हैं। देखरेख के अभाव में लाखों रुपये की सरकारी संपत्ति धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील होती नजर आ रही है।

श्रावणी मेले से पहले जब इन बाइक एंबुलेंसों का जायजा लिया गया तो अधिकांश एंबुलेंस लंबे समय से अनुपयोगी मिलीं। कई वाहनों के पार्ट्स खराब हो चुके हैं, स्ट्रेचर पर गंदगी जमी हुई है और कुछ नई बाइकों के पहिए तक जमीन में धंस गए हैं। इससे स्पष्ट है कि इनके रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन बाइक एंबुलेंसों का उपयोग केवल श्रावणी मेले तक सीमित रखने के बजाय सामान्य दिनों में भी ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए किया जा सकता था, जहां बड़े एंबुलेंस आसानी से नहीं पहुंच पाते।

इस मामले पर जसीडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि सामान्य दिनों में इन बाइक एंबुलेंसों के उपयोग का कोई आदेश नहीं है। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि उन्हें इस स्थिति की जानकारी नहीं थी, लेकिन अब संबंधित अधिकारियों से बात कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय विधायक सुरेश पासवान ने सरकारी संपत्ति की इस बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा और बाइक एंबुलेंसों को दोबारा चालू कर आम जनता के हित में उपयोग सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

अब बड़ा सवाल यह है कि जनता की सुविधा के लिए खरीदी गई ये बाइक एंबुलेंस आखिर कब तक अस्पताल परिसर में धूल फांकती रहेंगी और इनके रखरखाव की जिम्मेदारी कौन तय करेगा?





