
रांची, 17 अप्रैल 2026 (शुक्रवार): राज्य में पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने रांची के कांके स्थित विश्वा सभागार में आयोजित विभागीय समीक्षात्मक बैठक में भाग लिया।
इस उच्चस्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) (चरण-2) के अंतर्गत राज्य में चल रही योजनाओं और गतिविधियों की प्रगति की गहन समीक्षा करना था।

बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति, अब तक की उपलब्धियों, सामने आ रही चुनौतियों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस मौके पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सभी योजनाओं के समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आने वाले गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए खराब चापाकलों की मरम्मत कार्य में तेजी लाई जाए और जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के उद्देश्यों, CPHEEO की गाइडलाइंस, ट्यूबवेल मरम्मत की स्थिति, SVS एवं MVS योजनाओं की प्रगति, ‘हर घर जल’ योजना के तहत गांवों की कवरेज, तथा 100 करोड़ से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा की गई।

इसके अलावा, मंत्री ने सभी प्रमंडलों में नियंत्रण कक्ष स्थापित करने और स्वतंत्र संपर्क नंबर जारी करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को त्वरित सहायता मिल सके। साथ ही योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक-दूसरे के कार्यों की जांच करने का भी निर्देश दिया गया।

मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि राज्य के प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन और स्वच्छ भारत मिशन केवल योजनाएं नहीं हैं, बल्कि ये ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार लाने का एक सशक्त माध्यम हैं, जिससे गांवों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।
बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और विभिन्न जिलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
