
रांची, 22 जुलाई 2026: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में डिजिटल सेवाओं के विस्तार, साइबर सुरक्षा, डेटा प्रबंधन, ई-गवर्नेंस परियोजनाओं और “डिजिटल झारखंड विजन 2029” की प्रगति पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि “डिजिटल झारखंड का सपना तभी साकार होगा, जब तकनीक का लाभ राज्य के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रत्येक विभाग और जिले में आईटी अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए तथा सभी विभागों के डेटा को केंद्रीकृत प्रणाली से जोड़ा जाए।
बैठक में चीफ मिनिस्टर डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म, झारखंड स्टेट डेटा सेंटर, भारतनेट फेज-3, JharNet 2.0 और कनेक्टिंग झारखंड जैसी प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अगले तीन वर्षों में राज्य के सभी पंचायतों तक 5G नेटवर्क पहुंचाने के लक्ष्य पर कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने इंटरनेट शैडो क्षेत्रों की पहचान कर वहां चरणबद्ध तरीके से नेटवर्क विस्तार, साइबर सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने, नियमित सुरक्षा ऑडिट कराने और सभी विभागों में फोटोयुक्त डिजिटल सक्सेशन चार्ट को नियमित अपडेट करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने पुलिस स्टेशनों में आधुनिक सीसीटीवी नेटवर्क, LiDAR और सैटेलाइट आधारित परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए इन्हें समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही जिला न्यायालयों में उच्च गुणवत्ता वाले साउंड सिस्टम स्थापित करने और राज्य में मजबूत आईटी इकोसिस्टम विकसित कर स्टार्टअप, नवाचार, कौशल विकास एवं रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर बल दिया।

बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव पूजा सिंघल, विशेष सचिव सुनील कुमार सिंह, आईटी निदेशक माधवी मिश्रा, जैप-आईटी के सीईओ चंदन कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
