
रांची: झारखंड सरकार ने राज्य को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए ड्रग्स तस्करों और अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सूचना देने वालों के लिए विशेष पुरस्कार योजना लागू की है। इस योजना का उद्देश्य आम जनता की भागीदारी बढ़ाना और राज्य में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
राज्यव्यापी नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के समापन समारोह में इस योजना की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि अब यदि कोई व्यक्ति ड्रग्स तस्करी, नशीले पदार्थों की बिक्री या उससे जुड़े किसी भी अवैध नेटवर्क की सटीक एवं विश्वसनीय सूचना देता है, तो उसे सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
नई पुरस्कार नीति के अनुसार, सूचना देने वाले व्यक्ति को न्यूनतम ₹3,000 का नकद पुरस्कार मिलेगा। वहीं, यदि सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई होती है, भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद होते हैं या किसी बड़े तस्कर की गिरफ्तारी होती है, तो पुरस्कार राशि ₹2 लाख या उससे अधिक भी हो सकती है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी डर के आगे आकर नशा तस्करों के खिलाफ जानकारी साझा कर सकें। इसके लिए नागरिकों से अपील की गई है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की जानकारी मिले तो तुरंत डायल 112 पर सूचना दें।
सरकार का कहना है कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। आम जनता के सहयोग से ही झारखंड को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। प्रशासन ने युवाओं से भी अपील की है कि वे नशे से दूर रहें और समाज को सुरक्षित बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
