
रांची: सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची में तीन दिवसीय चतुर्थ राष्ट्रीय अंतर-विद्यालयी अंतरविषयी कला महोत्सव ‘प्रतिध्वनि’ का भव्य शुभारंभ गरिमामय समारोह के साथ हुआ। देशभर के 26 विद्यालयों से आए 450 से अधिक छात्र-छात्राएं इस राष्ट्रीय महोत्सव में भाग ले रहे हैं। यह आयोजन विद्यार्थियों को साहित्य, प्रदर्शन कला, आलोचनात्मक चिंतन और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए एक राष्ट्रीय मंच प्रदान कर रहा है।

महोत्सव में वाद-विवाद, स्टोरीटेलिंग, रंगमंच, कविता, क्विज और रचनात्मक लेखन जैसी विभिन्न साहित्यिक एवं कलात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में सरला बिरला विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) गोपाल पाठक, कुलपति प्रो. (डॉ.) सी. जेगनाथन, कुलसचिव प्रो. एस. बी. डांडिन, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, नॉलेज रिसोर्स क्यूरेटर श्री मुखर्जी पी. तथा प्रख्यात थिएटर आर्टिस्ट एवं फिल्म निर्माता श्री मेघनाथ सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
उद्घाटन समारोह का मुख्य आकर्षण सरला बिरला पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नृत्य-नाटिका “मंत्रा टू मशीन – ए डांस ओडिसी” रही। इस प्रस्तुति में पंचतत्वों के माध्यम से मानव सभ्यता की विकास यात्रा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। वहीं ‘प्रदूषण’ विषय पर मूकाभिनय ने पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश देकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।

स्कूल की प्राचार्या श्रीमती मनीषा शर्मा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और नेतृत्व क्षमता का विकास भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय आंदोलनों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
महानिदेशक प्रो. (डॉ.) गोपाल पाठक ने कला और इतिहास को समाज की मजबूत नींव बताते हुए विद्यार्थियों से समग्र शिक्षा अपनाने का आह्वान किया। वहीं श्री मुखर्जी पी. और फिल्म निर्माता श्री मेघनाथ ने विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच, नवाचार और कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।

तीन दिवसीय यह राष्ट्रीय महोत्सव युवा प्रतिभाओं को अपनी कला, साहित्य और बौद्धिक क्षमता प्रदर्शित करने के साथ-साथ सहयोग, नवाचार और अंतर्विषयी शिक्षा को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।