
नई दिल्ली/रांची: नई दिल्ली के भारत मंडपम में 14 से 17 जुलाई तक आयोजित भारत टेक्स 2026 के तीसरे दिन भी झारखंड पवेलियन में आगंतुकों की भारी भीड़ देखने को मिली। इस दौरान झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा स्थित अनजनेया बांस क्लस्टर द्वारा तैयार की गई बांस से निर्मित स्टील बोतल और मग लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने रहे।

पारंपरिक बांस शिल्प को आधुनिक तकनीक के साथ तैयार किए गए इन उत्पादों की गुणवत्ता, आकर्षक डिजाइन और पर्यावरण के अनुकूल विशेषताओं की देश-विदेश से आए खरीदारों और उद्योग प्रतिनिधियों ने खूब सराहना की। बांस और स्टेनलेस स्टील से बनी बोतल गर्म और ठंडे पेय का तापमान 12 से 14 घंटे तक बनाए रखने में सक्षम है, जबकि बांस, स्टेनलेस स्टील और फूड-ग्रेड प्लास्टिक से तैयार मग 3 से 4 घंटे तक पेय का तापमान सुरक्षित रखता है।

झारखंड सरकार ‘लोकल टू ग्लोबल’ की सोच को साकार करते हुए भारत टेक्स 2026 के माध्यम से तसर सिल्क, जीआई टैग उत्पाद, हस्तकरघा, हस्तशिल्प और बांस आधारित नवाचारों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। इससे राज्य के एमएसएमई, कारीगरों और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए अवसर मिल रहे हैं।

अनजनेया बांस क्लस्टर आधुनिक तकनीकों जैसे लेजर कटिंग, लेजर एनग्रेविंग, सीएनसी राउटिंग और कस्टमाइज्ड डिजाइन के जरिए अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर झारखंड की समृद्ध बांस शिल्प परंपरा को नई पहचान दे रहा है।
गौरतलब है कि भारत टेक्स 2026 में 130 से अधिक देशों के 6,000 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदार और 1.3 लाख से अधिक व्यापारिक आगंतुक भाग ले रहे हैं। ऐसे वैश्विक मंच झारखंड के हस्तशिल्प उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ-साथ निर्यात और निवेश की नई संभावनाओं को भी मजबूत बना रहे हैं।