
रांची: झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) में कार्यरत हाउस कीपर, ऑफिस अटेंडेंट और ऑफिस बॉय संवर्ग के कर्मचारियों के मानदेय और अन्य सुविधाओं को लेकर मांग तेज हो गई है। झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने इन कर्मचारियों को कुशल या अतिकुशल श्रेणी के अनुरूप मानदेय देने के साथ-साथ स्थायी समायोजन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
मुख्यमंत्री सचिवालय ने आवश्यक कार्रवाई का दिया निर्देश
महासंघ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशानुसार मुख्यमंत्री सचिवालय ने JSLPS के चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों के दैनिक मानदेय के निर्धारण को लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
विज्ञप्ति में बताया गया है कि श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विभाग की अधिसूचना के आधार पर इन कर्मचारियों को कुशल या अतिकुशल श्रेणी में रखते हुए निर्धारित मानदेय देने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया है।
इसके तहत पात्रता और लागू श्रेणी के अनुसार कर्मचारियों को 20,698 रुपये या 23,909 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने का उल्लेख किया गया है। इस संबंध में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किए जाने की बात कही गई है।
JSLPS के कर्मचारियों के बीच मानदेय में अंतर का आरोप
झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह ने JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अनन्य मित्तल, आईएएस से मुलाकात कर कर्मचारियों की मांगों को सामने रखा।
महासंघ का आरोप है कि JSLPS में कार्यरत आठ ऑफिस बॉय को प्रतिमाह 18,000 रुपये से लेकर 28,000 रुपये तक मानदेय दिया जा रहा है, जबकि अन्य प्रखंडों में कार्यरत लगभग 232 ऑफिस बॉय को केवल कार्यदिवस के आधार पर 450 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जा रहा है।
महासंघ ने इस अंतर को अन्यायपूर्ण बताते हुए सभी कर्मचारियों के लिए समान नियम और सुविधाएं लागू करने की मांग की है। संगठन का यह भी कहना है कि आठ कर्मचारियों को लेवल-8 में शामिल किया गया है, जबकि शेष कर्मचारियों को अब तक इसका लाभ नहीं मिला है।
महासंघ ने रखीं पांच प्रमुख मांगें
झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने की अपील की है। संगठन की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
1. मानदेय में बढ़ोतरी: कर्मचारियों को कुशल या अतिकुशल श्रेणी के अनुसार 20,698 रुपये या 23,909 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए।
2. न्यूनतम 25 हजार रुपये मानदेय: सभी संबंधित कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 25,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित किया जाए।
3. मानव संसाधन नियमावली के लेवल-8 में शामिल करना: सभी पात्र कर्मचारियों को समान रूप से इसका लाभ दिया जाए।
4. वेतन सहित अवकाश: कर्मचारियों को सभी पात्र अवकाश वेतन सहित उपलब्ध कराए जाएं और महिला कर्मचारियों को विशेष अवकाश की सुविधा दी जाए।
5. स्थायी समायोजन: वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों के स्थायी समायोजन की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएं।
समान काम के लिए समान वेतन की मांग
महासंघ का कहना है कि JSLPS में वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों को अब तक उनकी मांगों के अनुरूप सुविधाएं नहीं मिली हैं। संगठन ने समान काम के लिए समान वेतन के सिद्धांत को लागू करने की मांग करते हुए कहा है कि कर्मचारियों को मानदेय, अवकाश और सेवा संबंधी सुविधाओं में समानता मिलनी चाहिए।
महासंघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर कर्मचारियों की जायज मांगों पर निर्णय लेने की अपील की है।
इस मांग को लेकर महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह, अध्यक्ष देव नारायण सिंह मुंडा, संरक्षक गणेश प्रसाद सिंह, मुक्तेश्वर लाल, सुरेश हाजरा, घर भरन राम, सुरेश कुमार, सनातन कुमार, मोहम्मद आलमगीर, रिंकू कुमार, राहुल कुमार, भरत उरांव, बलराम कुमार, मुकेश कुमार, अनिल साहू, चंद्रदेव ओहदार, आलोक कुमार, दीनानाथ पहाड़िया, धनेश्वर दास, जितेंद्र कुमार, उदय कुमार और श्याम लाल पासवान सहित अन्य लोगों ने मांगों के शीघ्र समाधान की अपील की है।
अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि मानदेय निर्धारण और अन्य सुविधाओं को लेकर संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं। हालांकि, मानदेय में बढ़ोतरी और अन्य मांगों के लागू होने की स्थिति की पुष्टि संबंधित विभाग के आधिकारिक आदेश से ही होगी।