
रांची। बीते शुक्रवार को प्रभात तारा मैदान में आयोजित आदिवासी हुंकार महारैली में मंच विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फूलचंद्र तिर्की और निशा भगत को मंच पर जगह नहीं दी गई। इसको लेकर दोनों नेताओं ने नाराजगी जताई।
शनिवार को निशा भगत ने प्रेस वार्ता कर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रैली के दौरान आयोजकों गीता श्री उरांव, प्रेम शाही मुंडा और देव कुमार धान ने उन्हें मंच से दूर रखने का काम किया। साथ ही ईसाई तुष्टिकरण का आरोप भी लगाया।

निशा भगत ने कहा कि उन्हें पहले से आभास था कि उनके साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है, लेकिन जनता की इच्छा को देखते हुए वे कार्यक्रम में शामिल हुईं। वहीं, इस विवाद ने आदिवासी समाज की एकजुटता के संदेश वाले आयोजन को सवालों के घेरे में ला दिया है।