
रांची: नगड़ी में प्रस्तावित RIMS-2 अस्पताल निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर आदिवासियों और मूलवासियों की जमीन जबरन अधिग्रहित करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है।
भाजपा का कहना है कि नगड़ी क्षेत्र की जमीन का अधिग्रहण कानूनी रूप से पूर्ण नहीं हुआ था और प्रभावित रैयतों को न तो उचित मुआवजा मिला और न ही पुनर्वास। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार आदिवासी एवं मूलवासी समुदायों की बची हुई जमीन को भी अधिग्रहित करने का प्रयास कर रही है।
नेताओं ने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति पहले से ही चिंताजनक है। उनका तर्क है कि नए भवनों के निर्माण से पहले मौजूदा अस्पतालों में डॉक्टर, दवाइयां, जांच सुविधाएं और अन्य बुनियादी सेवाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
भाजपा ने यह भी सवाल उठाया कि जब HEC समेत अन्य क्षेत्रों में पर्याप्त सरकारी भूमि उपलब्ध है, तो RIMS-2 का निर्माण वहीं क्यों नहीं किया जा सकता। पार्टी का आरोप है कि सरकार भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर आदिवासी हितों की अनदेखी कर रही है।
भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने प्रस्तावित भूमि पर निर्माण कार्य जारी रखा, तो राज्यभर के आदिवासी और मूलवासी समुदाय नगड़ी में महादरबार आयोजित कर आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने जमीन बचाने के लिए व्यापक जनभागीदारी का आह्वान किया।
हालांकि, इस मामले में राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।