
दुमका: झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सोमवार (20 जुलाई 2026) को दुमका समाहरणालय सभागार में दुमका, देवघर, पाकुड़, जामताड़ा और गोड्डा जिले के उत्पाद विभाग के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।
बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति, राजस्व संग्रहण, प्रवर्तन कार्रवाई तथा अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियानों की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री ने सभी जिलों के उत्पाद अधीक्षकों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान मंत्री ने पिछले पांच वर्षों के जिलेवार राजस्व संग्रहण का आकलन करते हुए कहा कि राजस्व बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध और प्रभावी कार्ययोजना के साथ काम किया जाए तथा तय लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्पाद विभाग के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को नियमित क्षेत्र भ्रमण करने, अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री के खिलाफ लगातार छापेमारी अभियान चलाने तथा सूचना तंत्र को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

मंत्री ने कहा कि प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई की जाए और विभाग को नियमित प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, किसी भी अनियमितता की स्थिति में संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक के दौरान गोड्डा जिले से प्राप्त उत्पाद विभाग संबंधी शिकायतों पर मंत्री ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को कानून के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई करते हुए विभागीय कार्यों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के निर्देश दिए।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने उत्पाद विभाग को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में सभी अधिकारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विभाग की ओर से आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि निर्धारित लक्ष्यों की प्रभावी ढंग से प्राप्ति सुनिश्चित हो सके।