
रांची में आयोजित भव्य शिव महापुराण कथा ने जहां एक ओर लाखों श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर किया, वहीं आयोजन समाप्त होने के बाद सामने आई अव्यवस्थाओं ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

श्री शिवाला सेवा समिति के तत्वावधान में हुए इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, लेकिन भीड़ प्रबंधन, वीआईपी पास वितरण और मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों का आरोप है कि आयोजन का संचालन पूरी तरह कुछ रसूखदार लोगों के प्रभाव में रहा। विशेष रूप से वीआईपी पास वितरण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि हजारों वीआईपी पास नेताओं, उनके करीबी लोगों और कार्यकर्ताओं के बीच बांटे गए, जबकि आम श्रद्धालु घंटों धूप और भीड़ में परेशान होते रहे। कई लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष से जुड़े कुछ लोगों ने आयोजन को निजी प्रभाव और राजनीतिक लाभ के मंच के रूप में इस्तेमाल किया।

कथा स्थल पर प्रवेश और निकास व्यवस्था भी सवालों के घेरे में रही। भारी भीड़ के कारण कई जगह अफरातफरी का माहौल बन गया। सुरक्षा घेरों के टूटने और भीड़ नियंत्रण में विफलता के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई परिवार भीड़ में एक-दूसरे से बिछड़ गए, जबकि पार्किंग, पेयजल चिकित्सा और जैसी मूलभूत सुविधाओं का भी पर्याप्त इंतजाम नहीं दिखा,भी किसी का मोबाइल पैसे तो किसी के सोने का चैन गायब हो गायब हो गए बच्चे गुम हो गए बूढ़े बुर्जुग बिछड़ गए।

लोगों का कहना है कि जब आयोजन समिति ने पहले से ही लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी दी थी, तब प्रशासन और समिति के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए था। लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं कमजोर साबित हुईं।
अब इस पूरे मामले में श्री शिवाला सेवा समिति के अध्यक्ष रितेश कुमार की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। श्रद्धालु जानना चाहते हैं कि क्या समिति को इन समस्याओं की पहले से जानकारी थी या फिर व्यवस्थाओं पर कुछ खास लोगों का प्रभाव हावी हो गया था।


हालांकि, भगवान शिव के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति में कोई कमी नहीं दिखी। पूरे आयोजन के दौरान “हर हर महादेव” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। लेकिन आयोजन में सामने आई अव्यवस्थाओं और वीआईपी संस्कृति को लेकर उठे विवाद ने भविष्य में ऐसे आयोजनों की पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।
