
रांची: रांची तंत्रिका एवं मनोचिकित्सा तथा संबद्ध विज्ञान संस्थान (रिनपास), कांके अपने शताब्दी वर्ष में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। संस्थान आधुनिक उपचार, रोगी कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और जन-जागरूकता के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को नई दिशा देने के लिए लगातार महत्वपूर्ण पहल कर रहा है।
रोगियों के मनोसामाजिक पुनर्वास को बढ़ावा देने के लिए फरवरी 2026 में विशेष पिकनिक का आयोजन किया गया। वहीं वर्षभर क्रिसमस, दुर्गा पूजा, ईद और सरहुल जैसे प्रमुख त्योहार रोगियों, चिकित्सकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों की सहभागिता से मनाए गए, जिससे रोगियों को पारिवारिक और सामाजिक वातावरण का अनुभव मिला।
14 मार्च 2026 को वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें निदेशक ने उद्घाटन मशाल लेकर प्रतियोगिता की शुरुआत की और रस्साकशी प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया। इसके अलावा 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सामूहिक योगाभ्यास कर मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया।
नशा मुक्ति अभियान-2026 के तहत 25 जून को रिनपास के इतिहास में पहली बार ड्रग डी-एडिक्शन मैराथन आयोजित की गई। साथ ही नुक्कड़ नाटक, पोस्टर प्रतियोगिता, जागरूकता शिविर, परामर्श सत्र और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।

आधुनिक मानसिक स्वास्थ्य उपचार की दिशा में 17 जून 2026 को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई, जब रिनपास के बाह्य रोगी विभाग में अत्याधुनिक Deep Transcranial Magnetic Stimulation (dTMS) मशीन का उद्घाटन किया गया। यह तकनीक चिंता विकार, OCD और व्यसन संबंधी समस्याओं के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी रिनपास लगातार आगे बढ़ रहा है। क्लिनिकल साइकोलॉजी विभाग ने जुलाई 2026 में राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला आयोजित की, जबकि अगस्त 2026 से नए टेक्निकल ब्लॉक में अकादमिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। साथ ही डिप्लोमा इन साइकियाट्रिक नर्सिंग और एमडी (मनोचिकित्सा) पाठ्यक्रमों को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। संस्थान में ICSSR की प्रमुख अनुसंधान परियोजना भी शुरू की गई है, जो ग्रामीण भारत में बौद्धिक दिव्यांगता से जुड़े विषयों पर महत्वपूर्ण शोध करेगी।
रिनपास के निदेशक ने कहा कि शताब्दी वर्ष केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि भविष्य के प्रति संस्थान की नई प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उनका लक्ष्य रिनपास को आधुनिक उपचार, उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा, उच्चस्तरीय अनुसंधान और रोगी-केंद्रित सेवाओं के माध्यम से देश का अग्रणी मानसिक स्वास्थ्य संस्थान बनाना है।