
रांची: झारखंड के MPW स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी वर्षों पुरानी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान कर दिया है। झारखंड MPW कर्मचारी संघ के अनुसार, 13 जुलाई 2026 से पूरे राज्य में आंदोलन शुरू होगा। यदि सरकार ने समय रहते कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
संघ का कहना है कि राज्य के बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता (पुरुष) पिछले करीब 18 वर्षों से राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और जनस्वास्थ्य सेवाओं में लगातार योगदान दे रहे हैं, लेकिन अब तक उनका स्थायी समायोजन नहीं किया गया है। इसके अलावा JSSC द्वारा जारी विज्ञापन को त्रुटिपूर्ण बताते हुए उसे रद्द करने की मांग की गई है।
स्वास्थ्य कर्मियों ने श्रावणी मेला ड्यूटी से जुड़े वर्षों के लंबित TA/DA भुगतान की भी मांग उठाई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि भुगतान और अन्य मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो वर्ष 2026 की श्रावणी मेला प्रतिनियुक्ति का सामूहिक बहिष्कार किया जाएगा।
आंदोलन चार चरणों में होगा। 13 से 16 जुलाई तक काला बिल्ला लगाकर विरोध, 17 से 20 जुलाई तक तख्ती के साथ प्रदर्शन, 21 से 23 जुलाई तक कार्य करते हुए भूख हड़ताल और 24-25 जुलाई को सभी जिलों में सिविल सर्जन कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
यदि इसके बाद भी सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो 27 जुलाई को रांची स्थित नेपाल हाउस में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव कार्यालय का शांतिपूर्ण घेराव किया जाएगा।
संघ ने बताया कि इस आंदोलन को झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का भी समर्थन प्राप्त है। वहीं सरकार से मांग की गई है कि स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाए।