
रांची, 26 जून 2026: आदिवासी छात्र संघ (ACS) झारखंड के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उराँव के नेतृत्व में झारखंड के पूर्व वित्त मंत्री एवं लोहरदगा विधायक डॉ. रामेश्वर उराँव से मुलाकात कर आगामी परिसीमन प्रक्रिया और सरना धर्म कोड की मान्यता को लेकर महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि झारखंड में अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित विधानसभा और लोकसभा सीटों में किसी भी प्रकार की कटौती न की जाए तथा आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, सरना धर्म कोड को आगामी जनगणना में शामिल करने और आदिवासी समाज की वास्तविक जनसंख्या का सही आकलन करने की भी मांग उठाई गई।

ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उराँव ने कहा कि झारखंड राज्य आदिवासियों और मूलवासियों के लंबे संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि केवल वर्तमान जनसंख्या के आधार पर ST आरक्षित क्षेत्रों या राजनीतिक प्रतिनिधित्व में कमी करना संविधान की पाँचवीं अनुसूची की भावना के विपरीत होगा।

इस दौरान रांची विश्वविद्यालय अध्यक्ष मनोज उराँव ने कहा कि झारखंड का आदिवासी समाज आज ऐतिहासिक और अस्तित्वगत संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास परियोजनाओं के नाम पर आदिवासियों को उनकी पुश्तैनी जमीन से विस्थापित किया जा रहा है, जबकि बाहरी लोगों द्वारा राज्य की जमीनों पर अवैध कब्जे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस स्थिति पर रोक नहीं लगी तो आगामी परिसीमन में आदिवासी समाज का राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है।
संगठन की प्रमुख मांगें
झारखंड विधानसभा की वर्तमान 28 ST आरक्षित सीटों और लोकसभा की आरक्षित सीटों में कोई कटौती न हो।
अनुसूचित क्षेत्रों में 1971 की जनगणना के आधार पर बने संवैधानिक संतुलन को सुरक्षित रखा जाए।
आगामी जनगणना में अलग सरना धर्म कोड लागू किया जाए।
सादा पट्टा के नाम पर गैर-मजरूआ एवं आदिवासी भूमि पर हुए अवैध कब्जों को हटाया जाए तथा ग्राम सभा को मजबूत किया जाए।

प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद विधायक डॉ. रामेश्वर उराँव ने इन मांगों पर सकारात्मक पहल करने तथा संबंधित संस्थाओं के समक्ष प्रभावी ढंग से पैरवी करने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उराँव, रांची विश्वविद्यालय अध्यक्ष मनोज उराँव, रांची जिला अध्यक्ष राजू उराँव, DSPMU अध्यक्ष विवेक तिर्की, विकास कुमार, सोनू मुंडा, बबलू उराँव, निशांत तिर्की, प्रकाश भगत, अमित तिग्गा सहित कई छात्र नेता मौजूद रहे।
