
रांची: आदिवासी छात्र संघ (ACS) के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार, 6 जुलाई 2026 को केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उराँव के नेतृत्व में राजेश कच्छप से उनके आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रस्तावित परिसीमन, सरना धर्म कोड तथा आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करते हुए विधायक को एक ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रस्तावित परिसीमन को लेकर आदिवासी समाज में व्यापक चिंता है। संघ का मानना है कि परिसीमन की प्रक्रिया से अनुसूचित जनजाति समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और संवैधानिक अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए। साथ ही सरना धर्म कोड को आदिवासी समाज की धार्मिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और अस्तित्व से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए केंद्र सरकार से इस पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की गई।
विधायक राजेश कच्छप ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि वे इन मुद्दों को उचित मंच पर प्रभावी ढंग से उठाने का प्रयास करेंगे तथा आदिवासी समाज की भावनाओं के अनुरूप सकारात्मक पहल करेंगे।
इस अवसर पर केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उराँव ने कहा कि प्रस्तावित परिसीमन और सरना धर्म कोड का मुद्दा आदिवासी समाज के अस्तित्व, पहचान और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्र संघ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।

वहीं रांची विश्वविद्यालय अध्यक्ष मनोज उराँव ने कहा कि आदिवासी युवाओं और विद्यार्थियों की मांग है कि उनकी सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक पहचान को संवैधानिक संरक्षण मिले। उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्र संघ जन-जागरूकता अभियान को और व्यापक बनाएगा तथा समाज की आवाज सरकार और नीति-निर्माताओं तक पहुंचाता रहेगा।
इस दौरान निशांत तिर्की, अजय गाड़ी, शर्मेंद्र सिंह बिनझिया, बजरंग सिंह बिनझिया, विनोद कुजूर, रंथु उराँव, अमित उराँव सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
