रांची के Dy. SP अमर कुमार पांडे के खिलाफ गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

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रांची: आदिवासी समन्वय समिति ने रांची पुलिस मुख्यालय-1 में पदस्थापित Dy. SP अमर कुमार पांडे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को शिकायत पत्र सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
समिति के संयोजक लक्ष्मी नारायण मुंडा ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायत पत्र में अधिकारी के कार्यकाल और आचरण को लेकर कई सवाल उठाए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फरवरी 2025 में सीनियर डीएसपी रैंक पर पदोन्नति के बाद मई 2026 में राज्य सरकार द्वारा किए गए बड़े पैमाने के डीएसपी तबादले में अमर कुमार पांडे का स्थानांतरण झारखंड जगुआर, रांची किया गया था। हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि कथित प्रभाव और पैरवी के कारण उनका स्थानांतरण रुक गया और वह अब भी अपने पद पर बने हुए हैं।


शिकायत पत्र में अगस्त 2025 में रांची में जमीन से जुड़े मामलों की जांच के लिए गठित एसआईटी से उन्हें हटाए जाने का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि चुटिया क्षेत्र की एक जमीन जांच में कथित फर्जीवाड़े और अनियमितता को लेकर उनके खिलाफ सवाल उठे थे। हालांकि, शिकायत पत्र में यह भी स्वीकार किया गया है कि इस संबंध में कोई आधिकारिक आरोप-पत्र या विभागीय जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।


इसके अलावा कांके अंचल क्षेत्र से जुड़े कथित बड़े जमीन घोटाले की शुरुआती जांच में भी अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस मामले में आदिवासी और गैर-मजरूआ जमीन की प्रकृति बदलकर कथित अवैध लेन-देन के आरोप सामने आए थे। बाद में मामले की जांच सीआईडी को सौंपे जाने और संबंधित जमीन कारोबारियों के खिलाफ ईडी की कार्रवाई का भी शिकायत में जिक्र किया गया है।


शिकायत पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि स्थानीय स्तर पर अधिकारी के जमीन कारोबारियों से कथित संबंध, संरक्षण और वसूली में संलिप्तता को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में शिकायतकर्ता की ओर से कोई अंतिम न्यायिक निष्कर्ष या आधिकारिक दोषसिद्धि प्रस्तुत नहीं की गई है।

शिकायतकर्ता ने अधिकारी पर आदिवासी जमीन से जुड़े मामलों में कथित तौर पर गैर-आदिवासी जमीन कारोबारियों के पक्ष में काम करने का भी आरोप लगाया है। साथ ही पुलिस मुख्यालय के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों से कथित संरक्षण मिलने का दावा किया गया है।


इन सभी आरोपों को गंभीर बताते हुए आदिवासी समन्वय समिति ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि Vigilance विभाग, CID या किसी स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से अमर कुमार पांडे के रांची पुलिस मुख्यालय-1 में कार्यकाल के दौरान उनकी भूमिका, संबंधित मामलों और संपत्ति की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए।


समिति ने कहा है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही कायम रहे।


नोट: शिकायत पत्र में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के माध्यम से नहीं की गई है। अधिकारी या संबंधित विभाग का पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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