
रांची: ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) की ओर से 28 सितंबर 2026 को शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 118वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर रांची के अल्बर्ट एक्का चौक स्थित पार्टी कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-युवा नेताओं ने भगत सिंह के विचारों को याद करते हुए शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।
मौके पर AIYF झारखंड के प्रदेश महासचिव कामरेड अजय सिंह ने कहा कि आज देश के छात्र और युवा शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय तथा लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े कई सवालों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में भगत सिंह के विचारों को पढ़ना और समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह की विरासत को केवल तस्वीरों, माल्यार्पण और नारों तक सीमित रखने के बजाय उनके विचारों को सामाजिक और छात्र आंदोलनों में आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

वहीं, AISF के प्रदेश सचिव विक्रम कुमार ने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह को अपना आदर्श मानने वाले प्रत्येक युवा को किताबें पढ़नी चाहिए, सवाल पूछने चाहिए और अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए। उन्होंने छात्र-युवाओं से शिक्षा के अधिकार, रोजगार, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों को विचार, बहस और वैज्ञानिक चेतना का केंद्र बनाने के लिए छात्र-युवाओं को संगठित होकर संघर्ष करना चाहिए। डर और चुप्पी भगत सिंह की विरासत नहीं है। सवाल करना, तर्क करना, अन्याय का विरोध करना और बेहतर समाज के निर्माण के लिए संघर्ष करना ही उनकी विचारधारा की असली पहचान है।
विक्रम कुमार ने AISF की ओर से छात्र-युवाओं से भगत सिंह के विचारों को पढ़ने, समझने और उन्हें अपने जीवन तथा संघर्षों में उतारने की अपील की।
इस कार्यक्रम में महेंद्र वर्मा, गौरव वर्मा, राजेश कुमार, मनोज ठाकुर, अजय चौधरी, विजय कुमार, कृष्ण कुमार, प्रणव पॉल, चुम्मू उरांव और वीरेंद्र कुमार सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।