
रांची में JMM का राजभवन के सामने जोरदार प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करने की मांग
रांची में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और लोकतांत्रिक निष्पक्षता को लेकर राजभवन के समक्ष जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर पद के दुरुपयोग और एकतरफा फैसले लेने का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल पद से बर्खास्त करने की मांग की।
झामुमो की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रांची जिला समिति, रांची महानगर समिति, खूंटी, लोहरदगा और रामगढ़ जिला समितियों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

प्रदर्शन के दौरान झामुमो नेताओं ने मीडिया रिपोर्टों और आधिकारिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए दावा किया कि पिछले 10 महीनों में दोनों चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों पर 14 बार लिखित और औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि इन आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
झामुमो नेताओं ने इसे मतदाताओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह की अनियमितता का सीधा असर नागरिकों के मताधिकार पर पड़ सकता है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग की संस्थागत निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादाओं को बनाए रखने की मांग भी उठाई।
इस विरोध-प्रदर्शन में झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य, सांसद महुआ माजी, विधायक विकास मुंडा, अमित महतो, सुदीप गुड़िया, रामसूर्या मुंडा सहित कई वरिष्ठ नेता और विभिन्न जिलों के पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा हजारों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
झामुमो ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से बर्खास्त करने की मांग दोहराते हुए निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए।
