
रांची: आदिवासी छात्र संघ ने संगठन को मजबूत और व्यापक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को रांची के करमटोली स्थित केंद्रीय कार्यालय में केंद्रीय कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उरांव और केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मनोज उरांव की संयुक्त अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन विस्तार, छात्र हित, जनजातीय अधिकारों और आगामी आंदोलनों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सर्वसम्मति से नए पदाधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
बैठक में विकास मिंज को दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल का अध्यक्ष, अजित कुमार मुर्मू को कोल्हान प्रमंडल का अध्यक्ष और रघुनाथ मुर्मू को पूर्वी सिंहभूम का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। नवनियुक्त पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने, युवाओं और छात्रों को जोड़ने तथा कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की अपेक्षा जताई गई।
गांव स्तर तक संगठन विस्तार पर जोर
बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मनोज उरांव ने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए सक्रियता, अनुशासन और आपसी समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों और सदस्यों से एकजुट होकर संगठन के उद्देश्यों और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में झारखंड के सभी जिलों, प्रखंडों और गांवों तक संगठन का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही करियर काउंसलिंग के माध्यम से छात्र-छात्राओं को लाभ पहुंचाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
जेएसएससी के खिलाफ घेराव की बनेगी रणनीति
बैठक में हाल ही में आयोजित फील्ड वर्कर परीक्षा में कुरुख और संथाली भाषा के प्रश्नों को लेकर भी चर्चा हुई। संगठन का आरोप है कि परीक्षा में दोनों भाषाओं से 30 से अधिक प्रश्न निर्धारित पाठ्यक्रम से बाहर पूछे गए। इसे लेकर आदिवासी छात्र संघ ने पाठ्यक्रम में सुधार की मांग उठाई है। बैठक में इस मुद्दे पर जेएसएससी कार्यालय का घेराव करने की रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया गया।

आरक्षण के मुद्दे पर राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी
बैठक में आदिवासी महिलाओं के गैर-आदिवासी पुरुषों से विवाह के बाद आरक्षित सीटों और पदों पर आरक्षण के लाभ से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। संगठन ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में मुखिया और जिला परिषद जैसे एसटी आरक्षित पदों के लाभ गैर-आदिवासी परिवारों तक पहुंचने की स्थिति बनती है। इस मुद्दे को लेकर संगठन की ओर से झारखंड स्तरीय आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने का निर्णय लिया गया।
छात्र हित और जनजातीय अधिकारों के लिए अभियान
बैठक में छात्र हित, जनजातीय अधिकारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर आगामी दिनों में नए आंदोलन और अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही ग्राम स्तर तक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने, कैडर को मजबूत बनाने और केंद्रीय कमेटी से लेकर जिला एवं प्रमंडल स्तर तक नियमित संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक के अंत में केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मनोज उरांव ने उपस्थित सभी पदाधिकारियों और सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस बैठक में केंद्रीय कार्यकारिणी के सचिव देवदर्शन उरांव, उपसचिव सह मीडिया प्रभारी प्रकाश भगत, केंद्रीय कार्यकारिणी कोषाध्यक्ष अमित तिग्गा, उप मीडिया प्रभारी आकाशदीप उरांव, केंद्रीय कार्यकारिणी उपाध्यक्ष प्रवीण मुर्मू, केंद्रीय उपाध्यक्ष रघुनाथ हांसदा, जिला सचिव लखई मुर्मू, जिला प्रभारी सुपई सिंह हांसदा, विकास मिंज, बिरजू बोदरा और जिला सचिव फुदऊ मुर्मू समेत कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
आदिवासी छात्र संघ ने नई जिम्मेदारियों के साथ संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और छात्र हित एवं जनजातीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
