
चतरा। टंडवा प्रखंड के बड़गांव में आयोजित जितिया मेला के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों, लोक संस्कृति और आदिवासी परंपराओं से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें अतिथि ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति और क्षेत्रवासियों को जितिया मेला के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि जितिया मेला हमारी समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं, संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का भी सशक्त माध्यम हैं।

उन्होंने कहा कि पारंपरिक मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देते हैं। इस तरह के आयोजनों से स्थानीय कला, संस्कृति और परंपराओं को नई पहचान मिलती है।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने आमंत्रित करने के लिए आयोजन समिति और बड़गांव के समस्त ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही सभी को जितिया मेला की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
