
रांची। बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन को लेकर अब 24 सितंबर 2026 को रांची स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत में सुनवाई होगी।
दरअसल, मामले में आरोप गठन की प्रक्रिया को रोकने की मांग को लेकर हेमंत सोरेन की ओर से अदालत में याचिका दाखिल की गई थी। 21 सितंबर को सुनवाई के दौरान पीएमएलए की विशेष अदालत ने इस याचिका को खारिज कर दिया। इसके बाद अदालत ने आरोप गठन की अगली तारीख 24 सितंबर निर्धारित की।
यह मामला रांची के बड़गाईं क्षेत्र की करीब 8.86 एकड़ जमीन से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की जांच में जमीन के दस्तावेजों में कथित हेरफेर और जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े कई पहलुओं की जांच की गई है। झारखंड हाई कोर्ट के 18 सितंबर के आदेश में भी इस मामले में ईडी की जांच, 8.86 एकड़ जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों का उल्लेख किया गया है।
मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा बड़गाईं अंचल के तत्कालीन राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद समेत कई अन्य आरोपी हैं। ईडी की जांच के दौरान जमीन से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ियों की बात सामने आई थी। जांच के दौरान कई स्थानों पर छापेमारी और तलाशी की कार्रवाई भी की गई थी।

ईडी ने जांच पूरी करने के बाद पीएमएलए कोर्ट में अभियोजन शिकायत यानी चार्जशीट दाखिल की थी। मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया पहले ही आगे बढ़ चुकी है, जबकि हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन का बिंदु अभी अदालत के समक्ष है।
गौरतलब है कि हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका पहले पीएमएलए कोर्ट ने खारिज की थी। इसके बाद उन्होंने झारखंड हाई कोर्ट का रुख किया था। हाई कोर्ट ने भी 18 सितंबर को मामले की आगे की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की।
अब 24 सितंबर को होने वाली सुनवाई में हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन की प्रक्रिया को लेकर अदालत में आगे की कार्रवाई होगी।