
रांची : कुर्मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) सूची में शामिल करने की मांग को लेकर राजधानी रांची के धुर्वा स्थित प्रभात तारा मैदान में शनिवार को एक विशाल जनसभा आयोजित की गई। जनसभा में कुर्मी समुदाय के हजारों लोग पारंपरिक वेश-भूषा और वाद्ययंत्रों के साथ शामिल हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।

इस जनसभा को सफल बनाने में कुर्मी समुदाय से जुड़े 18 संगठनों के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में युवा, बुजुर्ग और महिलाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। सभा के दौरान लोगों ने अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता दिखाई और सरकार के प्रति नाराजगी भी व्यक्त की।

इस आंदोलन को समर्थन देने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो अपने संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी के खिलाफ नहीं बल्कि समुदाय को जागरूक करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर कुर्मी समुदाय को एकजुट होने से रोकने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कुर्मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल करने और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन सरकार इस दिशा में गंभीर नहीं है।

उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर सकारात्मक पहल करने की मांग की।
जनसभा में शीतल अहदार, नागेंद्र महतो, लम्बोदर महतो, जयमुनी महतो, शखीचंद महतो, राजेंद्र महतो, रामपदो महतो, रणधीर चौधरी, अमरनाथ चौधरी, अमित महतो (दिल्ली), जोशोदा देवी, सुषमा देवी, पार्वती देवी, ओमप्रकाश महतो, सोनालाल महतो, राजकिशोर महतो, हरिकृष्ण महतो और रंजीत महतो सहित हजारों सामाजिक अगुवा एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

