
रांची: झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बैनर तले झारखंड राज्य आजीविका चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (CEO) अनन्य मित्तल (IAS) से मुलाकात कर अपनी लंबित मांगों का ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मुख्यालय में कार्यरत ऑफिस बॉय, ऑफिस अटेंडेंट और हाउसकीपर को ₹18,000 से ₹28,313 तक वेतन मिलता है, जबकि फील्ड में कार्यरत समान संवर्ग के कर्मचारियों को केवल ₹450 प्रतिदिन दिया जाता है। यह भुगतान भी केवल कार्य दिवसों के लिए होता है और कर्मचारियों को किसी प्रकार का अवकाश लाभ नहीं मिलता।
संघ के अनुसार इस संवर्ग में कुल 240 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से केवल 8 कर्मचारियों को मानव संसाधन नियमावली के लेवल L-8 में शामिल किया गया है, जबकि शेष 232 कर्मचारी अब भी इससे वंचित हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि सभी कर्मचारियों को मानव संसाधन नियमावली के लेवल L-8 में शामिल किया जाए, न्यूनतम ₹25,000 मासिक वेतन दिया जाए, स्थायी समायोजन किया जाए, राज्यकर्मियों की तरह सभी सुविधाएं एवं अवकाश उपलब्ध कराए जाएं तथा स्थायी समायोजन होने तक भारत सरकार द्वारा अनुशंसित ₹868 प्रतिदिन मानदेय तत्काल लागू किया जाए।
संघ ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा पहले भी इस संवर्ग की मांगों पर आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को निर्देश भेजे जा चुके हैं।
बैठक के बाद CEO अनन्य मित्तल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में भरत उरांव, सरिता कुमारी और वीणा देवी उपस्थित रहे। वहीं, झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह, अध्यक्ष मुक्तेश्वर लाल और मुख्य संरक्षक गणेश प्रसाद सिंह ने उम्मीद जताई कि JSLPS प्रबंधन जल्द ही कर्मचारियों की मांगों पर निर्णय लेकर उन्हें राहत देगा।