
रांची: झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पिछले पांच वर्षों की सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और पुल-पुलिया परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। विभागीय अधिकारियों ने निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुकी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की।

समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कई परियोजनाओं में हो रही देरी और लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी योजनाओं की समयबद्ध तैयारी और तय अवधि में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक देरी होने पर संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं का अद्यतन डेटाबेस तैयार करने और उनकी जियो-टैगिंग अनिवार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परियोजना की लागत, प्रगति और समय-सीमा का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध होना चाहिए, ताकि निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने खराब सड़कों, गड्ढों और जलजमाव की शिकायतों पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्षा ऋतु को देखते हुए गड्ढों की तत्काल मरम्मत, बेहतर जल निकासी और सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। साथ ही, संकीर्ण सड़कों के चौड़ीकरण और मजबूती पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

मुख्यमंत्री ने राजधानी रांची सहित राज्य की सभी लंबित सड़क, फ्लाईओवर और पुल-पुलिया परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रमुख परियोजनाओं को अगले दो महीने के भीतर पूरा किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।