झारखंड में 5 हजार नए सखी मंडल बनेंगे, महिलाओं को मिलेगा व्यापक सहयोग

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रांची: Hemant Soren की अध्यक्षता में बुधवार को झारखंड मंत्रालय में ग्रामीण विकास विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और 2026-27 की कार्य योजना की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कई अहम दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि विकास की राह में खड़े अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाने पर जोर देते हुए कहा कि पंचायतें राज्य के विकास की पहली कड़ी हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं का पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवासविहीन और जर्जर मकानों में रहने वाले पात्र लाभुकों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिया जाए।

महिला स्वयं सहायता समूहों को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) को सखी मंडलों की संख्या बढ़ाने और महिलाओं को स्वरोजगार एवं आधुनिक तकनीक से जोड़ने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि राज्य में 5 हजार नए सखी मंडलों के गठन की प्रक्रिया चल रही है, जिससे करीब 60 हजार परिवारों को जोड़ा जाएगा। वहीं, महिला समूहों के विकास के लिए बैंकों से 5 हजार करोड़ रुपये ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि पलाश मार्ट जैसे बिक्री केंद्र राज्य के साथ-साथ दूसरे राज्यों में भी स्थापित किए जाएं। साथ ही पर्यटन स्थलों पर भी ऐसे केंद्र विकसित करने की दिशा में कार्य योजना बनाने को कहा।

बैठक में बिरसा हरित ग्राम योजना, मनरेगा, वाटरशेड योजनाओं और लिफ्ट इरीगेशन परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने जल संचय को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए।
इस दौरान ग्रामीण विकास मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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