
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्त विभाग के एक कनीय अधिकारी को बुलाकर कहा है कि सरकारी गाड़ी का चाबी ले लो।
मंत्री के गुस्से को देखते हुए वह अधिकारी डर से उनके कमरे से बाहर निकल गया। इसकी जानकारी मिलने के बाद वित्त सचिव प्रशांत कुमार मंत्री के पास पहुंचे और लगभग एक घंटे से उन्हें मनाने का प्रयास कर रहे हैं।
समाचार लिख जाने तक मामला शांत नहीं हो सका है। यहां मालूम हो कि मंत्री को मिलने वाला वाहन कैबिनेट डिपार्टमेंट उपलब्ध कराता है इसलिए गाड़ी को अधिकारिक रूप से कैबिनेट डिपार्टमेंट को लौटाने का प्रावधान है लेकिन वित्त मंत्री विधिवत अपनी गाड़ी को कैबिनेट डिपार्टमेंट को नहीं लौटाएं हैं। लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है। तनातनी चल रही है। मंत्री द्वारा कुछ भी निर्णय लिया जा सकता है।

राज्यसभा चुनाव से पहले ही वित्त मंत्री नाराज चल रहे हैं पहले तो प्रदेश अध्यक्ष से तनातनी और अब सीधा सरकार के अधिकारियों और मुख्यमंत्री से नाराजगी के बाद दिल्ली में हुए दो दिवसीय स्टेक होल्डर समिट कंसल्टेशन में वित्त मंत्री का ना रहना कई सारे सवाल खड़े करते हैं आने वाले दिनों में शायद वह बड़े निर्णय कुछ ले सकते हैं।
