
रांची, 16 जून 2026: झारखंड में दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की खोज, खनन, प्रसंस्करण और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में अमेरिकी कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इस संबंध में मुख्य सचिव अविनाश कुमार और अमेरिकी काउंसलेट जेनरल कैली जाइल डियाज के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल के बीच महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में झारखंड के समृद्ध खनिज संसाधनों और खनन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल को बताया गया कि राज्य में कोयला, लौह अयस्क, तांबा, बॉक्साइट, सोना और लाइम स्टोन जैसे खनिजों के विशाल भंडार मौजूद हैं। साथ ही राज्य में लिथियम, टाइटेनियम, वैनेडियम, सिल्वर और ग्रेफाइट समेत 20 से अधिक दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता है, जिनकी खोज और विकास की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।
मुख्य सचिव ने अमेरिकी कंपनियों को झारखंड में खनिज अन्वेषण, खनन और उन्नत तकनीक आधारित परियोजनाओं में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार विश्व की अग्रणी कंपनियों के साथ लगातार संपर्क में है और इस दिशा में सकारात्मक प्रगति हो रही है।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि अमेरिका की माइनिंग कंपनियों के समूह यूएसआईएसपीए (USISPA) ने झारखंड सरकार से संपर्क स्थापित किया है और खनिज ब्लॉकों की खुली नीलामी प्रक्रिया में भाग लेने की इच्छा जताई है। समूह ने विशेष रूप से क्रिटिकल मिनरल्स की खोज, खनन और प्रसंस्करण गतिविधियों में रुचि व्यक्त की है।
बैठक में खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल, खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा तथा अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे।
