
रांची, 16 जून 2026: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में आयोजित तीन दिवसीय “झारखंड कृषि व्यापार मेला-2026” का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कृषि व्यापार मेला-2026 के लोगो का लोकार्पण किया तथा टाना भगत परिवारों को दुधारू पशुओं के शेड निर्माण हेतु 100 प्रतिशत अनुदान की राशि, उत्कृष्ट किसानों को सम्मान पत्र, पशु चिकित्सकों एवं अनुसेवकों को नियुक्ति पत्र तथा 209 लाभुकों को डिजिटल एआई किट प्रदान की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की लगभग 80 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है और जलवायु परिवर्तन के कारण खेती के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। उन्होंने किसानों से जल संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार और किसान मिलकर काम करेंगे तो झारखंड के किसानों को कोई पीछे नहीं छोड़ सकता।

मुख्यमंत्री ने बिरसा हरित ग्राम योजना की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य में लगभग 1.50 लाख एकड़ बंजर भूमि पर फलदार पौधों का रोपण किया गया है। इस योजना के तहत उत्पादित सिमडेगा के आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों, विशेषकर लंदन तक पहुंच रहे हैं।

उन्होंने किसानों से जैविक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग की अपील की। साथ ही कृषि विभाग को निर्देश दिया कि राज्य के प्रगतिशील किसानों की मैपिंग कर उन्हें “मुख्यमंत्री सम्मान” से सम्मानित किया जाए तथा उनकी तकनीकी और आर्थिक सहायता सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्याओं और सुझावों के त्वरित समाधान के लिए एक विशेष डिजिटल किसान पोर्टल विकसित करने का भी निर्देश दिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बिरसा कृषि रथ-2026 को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया।

16 से 18 जून 2026 तक चलने वाले इस कृषि व्यापार मेले में राज्यभर के किसान, कृषि वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। मेले में 200 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां कृषि क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों, नवाचारों और योजनाओं का प्रदर्शन किया जा रहा है।



















