
रांची: झारखंड राज्य आजीविका चतुर्थवर्गीय कर्मचारी संघ ने अपनी लंबित एवं जायज मांगों के समर्थन में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। संघ के राज्य कमिटी के निर्णय के अनुसार 13, 14 और 16 अगस्त 2026 को कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराएंगे।
इसके बाद 18 अगस्त 2026 को झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS), ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार के राज्य कार्यालय, स्मार्ट सिटी, धुर्वा, रांची के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों की मांगों से संबंधित संलेख मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, JSLPS को सौंपा जाएगा।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय तक उनकी मांगों को लागू नहीं किया गया, तो राज्य कमिटी के निर्णय के अनुसार अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। संघ का कहना है कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
संघ के मुताबिक आंदोलन की सूचना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव और JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को दी जा चुकी है।
क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?
संघ के महासचिव भरत उरांव, अध्यक्ष श्याम लाल पासवान, सचिव रिंकू कुमार समेत अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में हाउस कीपर, ऑफिस बॉय और ऑफिस अटेंडेंट संवर्ग को न्यूनतम 25 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देना शामिल है। इसके साथ ही इन संवर्गों को मानव संसाधन नियमावली के लेवल-L8 में शामिल करने की मांग की गई है।
संघ का दावा है कि JSLPS में हाउस कीपर, ऑफिस बॉय और ऑफिस अटेंडेंट संवर्ग के कुल 240 कर्मियों में से 8 ऑफिस अटेंडेंट को वर्षों पहले HR नियमावली के लेवल-L8 में शामिल कर 18 हजार से 25 हजार रुपये तक मानदेय दिया जा रहा है। वहीं, शेष 232 कर्मचारियों को केवल 450 रुपये प्रतिदिन मानदेय दिया जा रहा है और भुगतान कार्य दिवस के आधार पर होता है।
कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें नियमित अवकाश की सुविधा भी नहीं मिलती है और महिला कर्मचारियों को विशेष अवकाश का लाभ भी नहीं दिया जाता। संघ का कहना है कि करीब 10 वर्षों तक लगातार सेवा देने के बावजूद इन कर्मचारियों का स्थायी समायोजन नहीं किया गया है।
संघ ने बढ़ती महंगाई को देखते हुए 450 रुपये प्रतिदिन के मानदेय को अपर्याप्त और अन्यायपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि हाउस कीपर, ऑफिस बॉय और ऑफिस अटेंडेंट संवर्ग के कर्मचारी झारखंड के मूल निवासी हैं और उन्हें सम्मानजनक मानदेय एवं सेवा सुरक्षा मिलनी चाहिए।
महासंघ ने भी उठाई मांग
झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह ने कहा कि इन कर्मचारियों की मांगों को लेकर महासंघ की ओर से मुख्यमंत्री, ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री, विभागीय सचिव और JSLPS के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के साथ कई बार शिष्टमंडल स्तर पर वार्ता और अनुरोध किया गया है। हालांकि, उनके अनुसार अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है।
महासंघ का कहना है कि मॉडल HR मैनुअल में भी इन पदों का उल्लेख है, इसके बावजूद मानदेय में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई है।
महासंघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मॉडल HR मैनुअल के आधार पर हाउस कीपर, ऑफिस बॉय और ऑफिस अटेंडेंट संवर्ग के मानदेय में वृद्धि की जाए, उन्हें FTE का लाभ दिया जाए और लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों का स्थायी समायोजन किया जाए।
अब 18 अगस्त को होने वाले धरना-प्रदर्शन के बाद सरकार और JSLPS की ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर कर्मचारियों की नजर रहेगी।