
नई दिल्ली: राज्यसभा की विभिन्न सीटों पर रिक्तियों को भरने के लिए हुए द्विवार्षिक चुनावों में कई प्रमुख नेताओं ने जीत दर्ज की है। हाल ही में संपन्न चुनावों के बाद झारखंड, मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों से नए सदस्य राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं।
झारखंड में 18 जून 2026 को हुए चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के बैद्यनाथ राम तथा एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए। दोनों उम्मीदवारों की जीत के साथ झारखंड का प्रतिनिधित्व राज्यसभा में और मजबूत हुआ है।
मध्य प्रदेश में 11 जून 2026 को हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीन उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। इनमें तरुण चुग, रजनीश कुमार अग्रवाल और महेश केवट शामिल हैं। वहीं कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

राजस्थान में 11 जून 2026 को राज्यसभा चुनाव निर्विरोध संपन्न हुए। भारतीय जनता पार्टी के सतीश पूनिया और अलका गुर्जर तथा कांग्रेस के नीरज डांगी निर्वाचित घोषित किए गए।
इसके अलावा अप्रैल 2026 में हुए द्विवार्षिक चुनावों के बाद कई नए सदस्यों ने राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण की। बिहार से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नितिन नबीन निर्वाचित हुए। तमिलनाडु से कॉन्स्टैंडाइन रवींद्रन, एम. थंबीदुरई, तिरुचि शिवा और एल.के. सुधीश राज्यसभा पहुंचे। वहीं महाराष्ट्र से शरदचंद्र पवार, रामराव सखाराम वडकुटे और मेनका गुरुस्वामी ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की।
इन चुनावों के बाद राज्यसभा की राजनीतिक तस्वीर में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं, जिनका असर आगामी संसदीय कार्यवाही और राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।
