
नगर विकास मंत्री सुदिव्य सोनू ने जताया दुख, राजद पर लगाया सम्मान न देने का आरोप
रांची: बिहार विधानसभा चुनाव में झामुमो (झारखंड मुक्ति मोर्चा) को गठबंधन में एक भी सीट नहीं मिलने के बाद झारखंड की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने इस पर दुख जताते हुए राजद और कांग्रेस पर सम्मान न देने का आरोप लगाया, हालांकि उन्होंने इसके लिए मुख्य रूप से राजद को जिम्मेदार ठहराया।

इस बीच, कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रणव झा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि झारखंड में कांग्रेस-झामुमो का रिश्ता परिपक्व और मजबूत है। उन्होंने कहा कि “झारखंड में महागठबंधन की सरकार में कांग्रेस और झामुमो के बीच पूर्ण समन्वय है। बिहार के परिप्रेक्ष्य में झामुमो की नाराजगी स्वाभाविक है, लेकिन इससे गठबंधन की एकजुटता प्रभावित नहीं होगी।”
प्रणव झा इन दिनों तीन दिवसीय दौरे पर दिल्ली से झारखंड पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें बिहार चुनाव में झामुमो को सीट न मिलने की जानकारी से दुख और असहजता हुई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन देशभर में महागठबंधन की एकजुटता प्रदर्शित करने में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

कांग्रेस की स्थिति और सीट बंटवारा विवाद
प्रणव झा ने बताया कि बिहार में सीटों के बंटवारे की जिम्मेदारी राजद के पास थी। कांग्रेस ने इस बार 70 की जगह 61 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है, जिनमें से 52 सीटों पर पार्टी सीधे मैदान में है जबकि नौ सीटों पर सहयोगी दल “फ्रेंडली” मुकाबले में हैं।
उन्होंने स्वीकार किया कि टिकट बंटवारे में कुछ देरी और असंतोष जरूर रहा, क्योंकि पार्टी ने नामांकन के अंतिम चरण तक कई उम्मीदवारों के चयन में समय लिया।
जब उनसे कांग्रेस में अनुशासन को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा —
“लोकतांत्रिक व्यवस्था में अनुशासन चाबुक से नहीं चलाया जा सकता। कांग्रेस में हर नेता को अपनी बात रखने की आज़ादी है, लेकिन अंततः केंद्रीय नेतृत्व के दिशा-निर्देशों का पालन सभी करते हैं।
झारखंड सरकार की उपलब्धियां और केंद्र पर निशाना
प्रणव झा ने कहा कि मईयां सम्मान योजना, कृषि और स्वास्थ्य योजनाओं समेत राज्य सरकार की उपलब्धियां झारखंड राज्य स्थापना दिवस पर प्रस्तुत की जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि झारखंड में शांति, सौहार्द और विकास का माहौल है, जबकि भाजपा शासित राज्यों में अराजकता और अशांति का माहौल देखा जा रहा है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि
“केंद्र विपक्षी दलों के शासित राज्यों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहा है। सहयोग देने के बजाय ऐसे राज्यों को परेशान किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।”