सिमडेगा के आमों ने रचा इतिहास: पहली बार लंदन पहुंचा झारखंड का आम्रपाली आम

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झारखंड के सिमडेगा जिले ने कृषि निर्यात के क्षेत्र में नया इतिहास रच दिया है। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उत्पादित 1322 किलोग्राम आम्रपाली आम की पहली व्यावसायिक खेप यूनाइटेड किंगडम के लंदन के लिए रवाना की गई है।


मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शी सोच से शुरू हुई बिरसा हरित ग्राम योजना ने ग्रामीण किसानों, विशेषकर महिला किसानों के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। योजना के तहत सिमडेगा में हजारों किसानों ने आम की बागवानी की, जिसका परिणाम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच के रूप में सामने आया है।

APEDA के सहयोग और जिला प्रशासन के प्रयासों से आमों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया गया। महिला स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को प्रशिक्षण देकर निर्यात प्रक्रिया से जोड़ा गया। पहली खेप के लिए किसानों को ₹42 प्रति किलोग्राम की दर से अग्रिम भुगतान मिला, जो स्थानीय बाजार की तुलना में बेहतर मूल्य है।


जिला प्रशासन ने इस सीजन में 81 टन आम की बिक्री का लक्ष्य रखा है। आने वाले दिनों में यूके और यूरोप के लिए और खेप भेजी जाएगी। साथ ही घरेलू बाजार में रिलायंस मार्ट जैसे बड़े खरीदारों से भी संपर्क स्थापित किया गया है। यह उपलब्धि झारखंड के कृषि उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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