
रामगढ़: सीसीएल के कुजू क्षेत्र में गुरुवार को त्रिपक्षीय खान सुरक्षा समिति (Tripartite Mines Safety Committee) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में खान सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और सुरक्षित, सतत एवं दुर्घटनामुक्त कार्य संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया।
बैठक में डीजीएमएस के वरिष्ठ अधिकारियों, सीसीएल मुख्यालय के सुरक्षा पदाधिकारियों, कुजू क्षेत्र प्रबंधन तथा श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। श्रमिक प्रतिनिधियों ने कार्यस्थलों की सुरक्षा, कार्य परिस्थितियों में सुधार और श्रमिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे, जिन पर गंभीरता से विचार किया गया।
बैठक के दौरान कुजू क्षेत्र की सुरक्षा उपलब्धियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विभिन्न सुरक्षा अभियानों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही पिछली बैठक में दिए गए सुझावों पर हुई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
सीसीएल मुख्यालय के महाप्रबंधक (सुरक्षा एवं बचाव) बिनोद कुमार ने “सेफ्टी क्यूब” की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सुरक्षा को केवल नियमों तक सीमित न रखकर कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाना आवश्यक है। वहीं डीजीएमएस अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन और जोखिमों की समय पर पहचान पर जोर दिया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुजू क्षेत्र के महाप्रबंधक राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि खान सुरक्षा प्रत्येक अधिकारी, कर्मचारी और श्रमिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी हितधारकों से ‘जीरो हार्म’ और ‘जीरो एक्सीडेंट’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।