एम्बुलेंस नहीं मिलने पर थैले में ले जाया गया बच्चे का शव: जांच रिपोर्ट में सामने आए कई अहम तथ्य ।

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चाईबासा : सदर अस्पताल चाईबासा से मृत बच्चे का शव थैले में ले जाने से जुड़े वायरल वीडियो मामले की प्रशासनिक जांच पूरी हो चुकी है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम को सौंप दी गई है।

जांच में स्पष्ट किया गया है कि मृत बच्चे का नाम कृष्ण चातोम्बा है, जो ग्राम बालजोड़ी, नोवामुण्डी का निवासी था। वायरल वीडियो में बच्चे की उम्र चार वर्ष बताई जा रही थी, जबकि जांच में यह तथ्य सामने आया कि बच्चे की वास्तविक उम्र मात्र चार माह थी।

जांच प्रतिवेदन के अनुसार, 18 दिसंबर 2025 की शाम करीब 5:15 बजे बच्चे को बुखार और दस्त की शिकायत पर सदर अस्पताल चाईबासा में भर्ती कराया गया था। बच्चे को पीडियाट्रिक वार्ड में रखा गया, जहां जांच के दौरान वह मलेरिया पॉजिटिव पाया गया। बेहतर इलाज के लिए उसे एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर रेफर करने का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन परिजनों ने सदर अस्पताल में ही इलाज कराने की इच्छा जताई।

इलाज के दौरान 19 दिसंबर 2025 को दोपहर 1:15 बजे बच्चे की मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद शव वाहन की व्यवस्था के लिए प्रयास किए गए, लेकिन एक शव वाहन मनोहरपुर में होने और दूसरा दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण विलंब की स्थिति उत्पन्न हो गई। परिजनों को प्रतीक्षा करने की जानकारी दी गई थी।

करीब 4:40 बजे अपराह्न शव वाहन अस्पताल पहुंचा, लेकिन उससे पहले ही बच्चे के पिता शव लेकर अस्पताल से निकल चुके थे। जांच में यह भी सामने आया कि पीडियाट्रिक वार्ड में उस दिन कुल 33 बच्चे भर्ती थे, जबकि मात्र दो नर्स तैनात थीं, जिसके कारण निगरानी में भी कठिनाई रही। बच्चे के पिता के पास मोबाइल फोन नहीं होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका।

जांच रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि यदि परिजन शव वाहन का इंतजार करते, तो उन्हें सुविधा उपलब्ध करा दी जाती। हड़बड़ी में शव को थैले में ले जाने की स्थिति बनी। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए एक क्षतिग्रस्त शव वाहन की शीघ्र मरम्मत कराने का प्रस्ताव भी दिया गया है।

प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य सेवाओं में आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

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