
रांची। कोकर स्थित चेशायर होम में रविवार, 27 सितंबर 2026 को संत विंसेंट डी पॉल का पर्व श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राँची काथलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद की गरिमामयी उपस्थिति में पवित्र मिस्सा पूजा का आयोजन किया गया।

चेशायर होम में शारीरिक रूप से असमर्थ एवं जरूरतमंद लोगों की सेवा की जाती है। यहां डॉटर्स ऑफ चैरिटी धर्मसमाज की धर्मबहनें सेवा कार्य में जुटी हैं। संत विंसेंट डी पॉल इस धर्मसमाज के संरक्षक संत हैं।

महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद के आगमन पर उनका स्वागत आदिवासी गीत, नृत्य और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इसके बाद उनकी अगुवाई में पवित्र मिस्सा बलिदान अर्पित किया गया।

अपने उपदेश में महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने कहा कि संत विंसेंट डी पॉल ने अपना पूरा जीवन गरीबों, बीमारों और असहाय लोगों की सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि गरीबी को केवल वस्तुएं देकर या दूर से देखकर समझा नहीं जा सकता, बल्कि जरूरतमंद लोगों के अनुभवों को समझना और उनके प्रति संवेदनशील एवं दयालु बनना जरूरी है।

महाधर्माध्यक्ष ने अपने जीवन में गरीबी और अभाव के अनुभव का भी उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे अनुभव व्यक्ति को दूसरों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाने में मदद करते हैं।

इसी दिन विश्व प्रवासी एवं शरणार्थी दिवस भी मनाया गया। इस अवसर पर मिस्सा के दौरान प्रवासियों और शरणार्थियों के लिए विशेष प्रार्थना की गई। महाधर्माध्यक्ष ने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों से दूर संघर्ष कर रहे भाई-बहनों को अपनाएं और उनकी सहायता करें। उन्होंने विशेष रूप से प्रवासी बच्चों के लिए प्रार्थना करने का आह्वान किया।

मिस्सा के समापन के बाद भी चेशायर होम परिसर में उत्सव का माहौल बना रहा। महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद और डॉटर्स ऑफ चैरिटी की धर्मबहनों ने मिलकर पर्व की खुशी में केक काटा। इसके बाद समुदाय के लोगों और बच्चों ने बधाई गीत प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद, फादर असीम मिंज सहित अन्य पुरोहितगण, धर्मबहनें और बड़ी संख्या में ख्रीस्त विश्वासी उपस्थित रहे।
