
रांची। चुनाव आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्टों के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध कार्यक्रम का ऐलान किया है।
JMM महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने जारी बयान में कहा है कि पार्टी की सभी जिला समितियां 28 सितंबर 2026 को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन करेंगी। पार्टी की ओर से राष्ट्रपति से मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से बर्खास्त करने की मांग भी की जाएगी।

दरअसल, द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं को लेकर कम-से-कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में मतदाता पंजीकरण, वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने, Form-6 में बदलाव तथा चुनावी डेटा से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया है।
JMM का आरोप है कि दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए SIR के दौरान करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाए गए और नियमों में एकतरफा बदलाव किए गए। पार्टी ने इसे चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त की बर्खास्तगी की मांग की है।
हालांकि, इस पूरे विवाद पर चुनाव आयोग के सूत्रों ने इन आरोपों से अलग रुख रखते हुए कहा है कि SIR समेत आयोग के सभी महत्वपूर्ण फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए थे।

विनोद कुमार पांडेय के अनुसार, 28 सितंबर के कार्यक्रम में JMM केंद्रीय समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य, सांसद, विधायक, पार्टी के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारी-कार्यकर्ता और सभी वर्ग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
पार्टी ने इस कार्यक्रम के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर अपना विरोध दर्ज कराने की बात कही है।