
राँची: दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम आवागमन और विधि-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर राँची जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न पूजा पंडालों का निरीक्षण किया। इस दौरान पूजा समितियों द्वारा की गई तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

प्रशासनिक टीम ने आर.आर. स्पोर्टिंग क्लब, बकरी बाजार, राजस्थान मित्र मंडल, ओ.सी.सी. क्लब, जिला स्कूल रामलाला, चंद्रशेखर क्लब, कोकर, बूटी मोड़, चुटिया, हरमू पंच मंदिर और हरमू बाईपास रोड स्थित सत्य अमर लोक पूजा पंडाल का निरीक्षण किया। इस दौरान पंडालों की संरचना, अग्निशमन व्यवस्था, विद्युत सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरे, भीड़ नियंत्रण, प्रवेश एवं निकास मार्ग, पार्किंग और यातायात व्यवस्था की जानकारी ली गई।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने सभी पूजा समितियों को सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दुर्गापूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा पंडालों में पहुंचते हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

उपायुक्त ने पूजा समितियों को पंडाल परिसर में अग्निशमन उपकरणों की समुचित व्यवस्था करने, सुरक्षित प्रवेश एवं निकास मार्ग बनाए रखने और भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की तैनाती करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

प्रशासन ने विद्युत सुरक्षा, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता और आपातकालीन निकास मार्ग को हमेशा अवरोधमुक्त रखने के निर्देश दिए। पूजा समितियों से पुलिस एवं यातायात विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को देने की अपील की गई।

इस निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ग्रामीण गौरव गोस्वामी, पुलिस अधीक्षक यातायात राकेश सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर पारस राणा, अनुमंडल पदाधिकारी सदर कुमार रजत, प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण, अपर जिला दंडाधिकारी धनंजय, अपर नगर आयुक्त संजय कुमार सहित कई प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दुर्गापूजा के दौरान सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन को लेकर लगातार निगरानी की जाएगी। प्रशासन ने सभी पूजा समितियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे आपसी सहयोग, अनुशासन और सौहार्द के साथ दुर्गापूजा का आयोजन करें, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।








